एक अभागे बाप की दर्दनाक कहानी सुनिए। पहले बड़े बेटे की और अब छोटे बेटे की हादसे में मौत हो गई, पर वह दोनों की अर्थी को कंधा नहीं दे पाया। घटना हरियाणा के अंबाला की है। जिन बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए इकबाल सिंह इंग्लैंड में मेहनत करने गए थे। उन्हीं बच्चों के शव को अंतिम समय में वह कंधा नहीं दे सके।
इकबाल सिंह ने तीन साल में ही अपने दोनों जवान बेटों को खो दिया। सड़क हादसों में दोनों की मौत हुई, लेकिन दोनों बार वे अंतिम संस्कार में नहीं आ पाए। हाल ही में उनके छोटे बेटे की हादसे में मौत हुई। अंबाला कैंट निवासी इंद्रपाल सिंह ने बताया कि तलविंदर के दोस्त मनोज का जन्मदिन था। कार में उसके साथ सिटी का रहने वाला मन्नी, नितिन, मनोज व प्रकाश और कैंट का रहने वाला लवली था।
वह रात को लगभग 11 बजे सिटी से कैंट खाना खाने के लिए आ रहे थे। तलविंदर अपनी स्विफ्ट कार चला रहा था। काली पलटन पुल के पास उनकी कार के सामने अचानक गाय आ गई जिसे बचाने के चक्कर में उसने कट मारा और कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराते हुए पलट गई।