ड्रग्स तस्करी केस में फरार चल रहे पंजाब पुलिस के बर्खास्त एआईजी राजजीत सिंह हुंदल पर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई की है।
एसटीएफ ने आरोपी राजजीत सिंह की 20 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी चिह्नित कर अटैच की है। विभाग के सूत्रों के मुताबिक 20 फरवरी को एसटीएफ की इन्वेस्टिगेशन टीम इस मामले में आरोपी की अटैच की गई प्रॉपर्टी का पूरा ब्योरा केंद्रीय वित्तीय मंत्रालय की कमेटी के समक्ष पेश करेगा।
20 फरवरी को एसटीएफ की इस मामले की इन्वेस्टिगेशन टीम रिपोर्ट पेश करने के साथ ही आरोपी पर अगली कार्रवाई तय करेगी। उधर, विजिलेंस की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी राजजीत सिंह विदेश भाग चुका है।
विजिलेंस का मानना है कि राजजीत इस समय कनाडा में है। पंजाब पुलिस की विजिलेंस ने एनआईए को यह इनपुट देकर मदद भी मांगी है। आरोपी राजजीत सिंह की पत्नी की मोहाली स्थित प्रॉपर्टी को भी एसटीएफ ने अटैच कर लिया है। इसकी कीमत करीब चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के सेक्शन-64 एफ के तहत की गई है।
फरार राजजीत की इन प्रॉपर्टीज पर कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार बर्खास्त एआईजी की पंजाब में 9 प्रॉपर्टी को चिह्नित कर अटैच किया गया है। इनमें न्यू चंडीगढ़ स्थित मुल्लांपुर के गांव माजरी में वर्ष 2013 में 7 कनाल 40 मरले जमीन शामिल है। यह 40 लाख में खरीदी गई थी। इसी तरह 2013 में ही न्यू चंडीगढ़ के इको सिटी में 500 वर्ग गज का प्लॉट, साल 2013 में इको सिटी में खरीदा गया 500 वर्ग का प्लॉट, जिसकी कीमत 20 लाख रुपये है। वर्ष 2016 में मोहाली के सेक्टर-69 में खरीदा गया 500 वर्ग गज की डेढ़ करोड़ की कोठी, मोहाली के सेक्टर-82 में 733.33 वर्ग गज का प्लॉट जो 55 लाख रुपये 2017 में खरीदा गया था। इन सभी प्रॉपर्टीज को एसटीएफ ने अटैच कर लिया है।
यह है पूरा मामला
वर्ष 2017 में बर्खास्त राजजीत सिंह हुंदल के साथी इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को ड्रग्स तस्करी और हथियारों से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी के घर से तलाशी के दौरान एके-47, 4 किलो हेरोइन, तीन किलो स्मैक का नशा और अन्य देसी हथियार बरामद किए गए थे। राजजीत सिंह पर आरोपी बर्खास्त इंस्पेक्टर की मदद करने, ड्रग रिकवरी से छेड़छाड़, सबूत मिटाने को लेकर मार्च 2023 में केस दर्ज किया गया था। यहां तक की आरोपी इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह और एआईजी राजजीत सिंह वर्ष 2012 से 2017 तक गुरदासपुर, तरनतारन, मोगा और जालंधर में एक साथ तैनात रहे। आरोपी राजजीत अपने साथी इंस्पेक्टर को अपनी पोस्टिंग की जगह तैनात करवा लेता था।