एक टांग खोने के बाद अंदर से टूट भी सकती थी, लेकिन मम्मी ने इसका अहसास नहीं होने दिया। बचपन के शौक डांस को आगे ले जाने के लिए कहा और यही वजह थी कि इंडिया गोट टैलेंट में हिस्सा लिया और फर्स्ट रनर अप तक पहुंची।
ये बात इंडिया गोट टैलेंट में करन जौहर, किरन खेर जैसे लोगों से स्टेंडिंग ओवेशन पा चुकी यह है शुभप्रीत कौर ने मंगलवार को सेक्टर 34 के एक ब्यूटी इंस्टीट्यूट में लेक्चर देने के बाद कही।
उन्होंने कहा कि वे एक डांस अकादमी खोलना चाहती हैं, जिसमें उन बच्चों को बिना किसी शुल्क के डांस सिखाएंगी जो अपने शरीर का कोई हिस्सा खो चुके हैं। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए शुभप्रीत ने कहा कि पंजाब के संगरूर जिले से हूं, दो साल पहले कोचिंग क्लास से घर आ रही थी। तभी एक्टिवा चलाते वक्त बैलेंस बिगड़ गया और दुर्घटना से पांव पर जख्म हो गया।
पहले तो कुछ भी नहीं हुआ लेकिन डाक्टरों की गलती के चलते कुछ महीनों बाद एक टांग गवानी पड़ी। टांग गवाने पर भी अपनी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की और एक दिन जब एक डांस प्रतियोगिता में बिना टांगों वाले लड़के को नाचते देखा तो मैंने भी अपने आप को इस क्षेत्र में साबित करने के लिए मेहनत शुरू कर दी। मोहाली की एक अकादमी से डांस सीखा और साथ ही जिम भी जाना शुरू किया। पहले तो एक टांग पर बैलेंस बनाना बहुत मुश्किल था, लेकिन फिर प्रेक्टिस से इसपर कामयाबी पाई।
शुरू में मुंबई में नकली टांग लगा कर नाचना चाहती थी, लेकिन मेरी टांग बहुत ऊपर से कटी है जिस वजह से नकली टांग बहुत भारी लगती थी और कई तरह की चोटों का सामना भी करना पड़ा तो इंडिया गोट टैलेंट के क्रू ने कहा कि मैं बिना टांग के ही नाचूं तो ज्यादा अच्छे से नाच पाऊंगी। इस तरह से कभी डमी लेग की जरूरत नही पड़ी जिस पर खर्च भी काफी था।
वोटिंग से खुश नहीं हूं।
लोगों ने शो के बीच में वोट किया तो अच्छा लगा। लेकिन फाइनल में लगा कि वोटिंग गलत है। मुझे फर्स्ट रनर अप में ही संतोष करना पड़ा। जो टीम प्रथम स्थान पर रही वह कई सालों से कथक कर रही है और मैं सिर्फ दो सालों से।