आर्ट आफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर सोमवार को जलालाबाद पहुंचे। खेल स्टेडियम में आयोजित धार्मिक समागम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और किसानों ने हिस्सा लिया। सबसे पहले श्री श्री रविशंकर ने खेतीबाड़ी में बढ़ रहे पेस्टीसाइड और फर्टिलाइजर पर चिंता व्यक्त की। इससे निजात पाने के लिए किसानों को जैविक खेती की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के लिए हम लगातार पेस्टीसाइड की मात्रा को बढ़ा रहे हैं। इसके दुष्प्रभाव किसी से छिपे नहीं हैं। हम कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं और धीरे-धीरे हमारा जीवन समाप्त हो रहा है। सबसे पहले हमें अपनी खेतीबाड़ी से संबंधित आवश्यक चीजों की बुआई खुद करनी होगी और पेस्टीसाइड रहित करनी होगी।
धीरे-धीरे किसानों को अपनी कृषि योग्य भूमि का रकबा बढ़ाना होगा ताकि लोग जहां हमारा गेहूं 1700 या 1800 रुपये बिकता है वहीं 3000 हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिके। अंतर सिर्फ यही है कि कुदरती खेती में उत्पादन थोड़ा कम होता है।