जासूसी के आरोपी दीप सिंह उर्फ दीपू से पूछताछ में बड़े खुलासे हुए हैं। पूछताछ में दीपू ने खाते में 50 हजार रुपये मंगवाने की बात कबूली है। उसने पूछताछ में बताया कि आईएसआई ने अमृतसर के महत्वपूर्ण इलाकों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और सैन्य ठिकानों के नक्शे व फोटो भेजने का टास्क दिया था। पुलिस जांच में पत्नी के खाते में रुपये मंगवाने की बात भी सामने आई है। वहीं, पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन मोहाली की फॉरेंसिक लैब में भेज दिया है।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि कैंट इलाके में भारतीय सैनिकों और बीएसएफ जवानों की वर्दियों की सिलाई करने वाले आरोपी को पाकिस्तान के एजेंट सैन्य ठिकानों समेत कई अन्य सूचनाएं देने के बदले पैसे का लालच दे रहा था। जांच की जा रही है कि आरोपी कब से यह काम कर रहा है। पुलिस उसके मोबाइल डाटा को रिट्रीव करने के भी प्रयास कर रही है। जांच दौरान सामने आया कि आरोपी ने मोबाइल फोन से काफी डाटा डिलीट कर दिया था। हालांकि कुछ डाटा को रिकवर कर लिया है।
अमृतसर निवासी दूसरे साथी की तलाश
पुलिस के एक आला अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि आरोपी को आईएसआई के किसी एजेंट ने स्थानीय व्यक्ति के जरिए 50 हजार रुपये दिए थे। आरोपी ने यह राशि अपने खाते में ट्रांसफर करवाई। अब उसके साथी की तलाश है।
सैन्य ठिकानों, महत्वपूर्ण स्थानों और रेलवे स्टेशन का मांगा था नक्शा
वहीं, सीआईए के एक अधिकारी ने बताया कि दीपू के खाते में पैसे भेजने वाले की तलाश की जा रही है। जिस व्यक्ति ने पैसे डलवाए हैं। आरोपी छेहर्टा इलाके का ही बताया जा रहा है। जांच के दौरान सामने आया कि दीपू ने खासा और कैंट के सैन्य ठिकानों की तस्वीरें मोबाइल से पाकिस्तान भेजी हैं। पाकिस्तान की आईएसआई की ओर से अब शहर के महत्वपूर्ण इलाकों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और सैन्य ठिकानों के दोबारा नक्शे व फोटो भेजने का टास्क दीपू को दिया गया था।