हरियाणा सरकार ने गुरुवार को 52 खिलाड़ियों को भीम अवार्ड से नवाजा। मगर भीम अवार्ड सम्मान समारोह में ओलंपियन खिलाड़ी नीरज चोपड़ा, बजरंग पूनिया समेत 12 खिलाड़ी अवार्ड लेने नहीं पहुंच सके। दरअसल, वह अपनी प्रैक्टिस के चलते या तो बाहर हैं या फिर किसी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। पहलवान रवि कुमार और बॉक्सर मनोज कुमार समेत 40 नामी खिलाड़ियों ने खुद अवार्ड प्राप्त किया। नीरज चोपड़ा के स्थान पर उनके चाचा भीम चोपड़ा, बजरंग पूनिया के पिता बलवान सिंह, सोनिया लाठर के भाई, संदीप नरवाल के स्थान पर उनके कोच राजेश, सविता पूनिया के पिता, नवजौत कौर के पिता, अमित पंघाल के भाई, पहलवान पिंकी की मां, जूडो खिलाड़ी गरीमा चौधरी के स्थान पर परिवार के सस्दय, शूटर मनु भाकर के लिए पिता, सोनाली की मां और सुमित के भाई ने उनके स्थान पर भीम अवार्ड हासिल किया।
अब चोटिल खिलाड़ियों को भी दी जाएंगी खेल नर्सरी
हरियाणा के चोटिल खिलाड़ी नर्सरी लेकर कोच बन सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर गुरुवार को पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में हुए भीम अवॉर्ड सम्मान समारोह में खेल एवं युवा मामले मंत्री संदीप सिंह ने यह घोषणा की। खेल मंत्री संदीप सिंह ने कहा है कि हरियाणा सरकार अब उन खिलाड़ियों को भी कोच बनने का मौका देगी, जो किसी कारण चोटिल हो जाते हैं और अपना कॅरियर जारी नहीं रख पाते।
इसके अलावा ऐसे खिलाड़ी जो सरकारी नौकरी में भी नहीं लग पाते। खेल विभाग अब ऐसे अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ियों को खेल नर्सरी देगा। ऐसे में ये खिलाड़ी नए बच्चों का भविष्य बना सकेंगे और खेल से भी जुड़े रहेंगे। संदीप सिंह ने कहा कि भीम अवॉर्ड को पारदर्शी ढंग से ऑनलाइन दर्शाने वाला हरियाणा पहला राज्य है, जिसमें सभी लोगों के समाने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को रखकर भीम अवॉर्डियों की सूची को अंतिम रूप दिया जाता है।
उस समय अच्छे स्टेडियम नहीं थे, इसलिए छोड़ दिया खेल: संजीव कौशल
हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि वह भी खेल में अपना कॅरियर बनना चाहते थे लेकिन स्टेडियम के हालात देखकर परिवार वालों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। उन्होंने बताया कि वह यूनिवर्सिटी स्तर के खिलाड़ी रहे हैं लेकिन उस समय स्टेडियम इतने अच्छे नहीं थे और न ही इतनी सुविधाएं थीं।
आज हरियाणा सरकार ने खेलों के ढांचे में जबरदस्त सुधार किया है और इसी का नतीजा है कि हर बार हरियाणा के खिलाड़ी झंडे गाड़ते हैं। प्रदेश में 250 करोड़ रुपये की लागत से विश्व स्तर का खेलों का बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। खिलाड़ियों को नौकरियों में आरक्षण तक दिया जा रहा है।
कुछ घंटों में खातों में पहुंची 5-5 लाख रुपये पुरस्कार राशि
खास बात ये रही कि मंच पर खिलाड़ियों को अवॉर्ड मिलने के कुछ ही घंटों के बाद पुरस्कार की राशि 5-5 लाख रुपये खिलाड़ियों के बैंक खातों में पहुंच गई। यह पहली बार है कि इतनी जल्द पुरस्कार राशि खिलाड़ियों को मिली हो। इससे पहले कई-कई माह तक खिलाड़ियों को इंतजार करना पड़ता था।
खिलाड़ियों को मिलने वाली सम्मान राशि को ऑटो मोड सिस्टम में लाया जाएगा: दुष्यंत चौटाला
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि खेल को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार निरंतर बेहतर कार्य कर रही है और खिलाड़ियों की हर संभव मदद के लिए वे सदैव प्रयासरत हैं। खिलाड़ियों को मिलने वाली सम्मान राशि समयबद्धता के साथ देने के लिए सरकार द्वारा ऑटोमोड सिस्टम का प्रावधान किया जाएगा।
डिप्टी सीएम से यहां हरियाणा निवास में कई पैरा ओलंपियन और भीम अवार्डी खिलाड़ी मिले। खिलाड़ियों ने ओलंपिक खिलाड़ियों को 15 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की सम्मान राशि दिलवाने के लिए उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। दुष्यंत चौटाला ने खिलाड़ियों ने उनकी तैयारी और सरकार की तरफ से मिलने वाली सहायता और इनाम राशि के संदर्भ में कुछ मांगें रखीं, जिन पर उपमुख्यमंत्री ने उन्हें उचित कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर खिलाड़ी मनु भाकर के पिता, अमित पंघाल के भाई, मनीष नरवाल, सिंहराज अधाना और दीपक सैनी मौजूद रहे।