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जब 'आप' सांसद ने मंत्री जी की बोलती बंद कराई

Sat, 26 Jul 2014 07:44 PM IST
विजय जैन/डिजिटल टीम, चंडीगढ़
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हास्य कलाकार के रूप में पहचान बना चुके भगवंत मान ने अपनी वाकपटुता से संसद में चली अब तक की कार्यवाही के दौरान अन्य सभी सांसदों की बोलती ही बंद करवा रखी है। मुद्दा महंगाई, बिजली का हो या राष्ट्रीय एकता या ईराक का हो, भगवंत मान हर बहस में अन्य दलों को पीछे छोड़ देते हैं।
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संसद में विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पर कटाक्ष करती उनकी हास्य कविताएं सांसदों के साथ-साथ अध्यक्ष को भी हंसने पर मजबूर कर देती हैं। सांसद बनने के बाद भगवंत मान पहली बार जब संसद भवन पहुंचे तो उसी दिन कैबिनेट मंत्री राजीव प्रताप रूडी को दो बार अपने शब्द वापस लेने पर मजबूर कर दिया।

जब रूडी संसद में बिजली के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि दिल्ली में एक भूली भटकी पार्टी आई थी.. भगवंत मान ने इसका विरोध करते हुए कहा की दिल्ली के 33 फीसदी लोगों ने इस पार्टी को इन्ही लोकसभा चुनावों में वोट डाली है जिसमे भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है, क्या वो भूले भटके हैं?
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रूडी को भी अपने बोल वापस लेने पर मजबूर किया

पंजाब में से 4 सांसद बने हैं, क्या पंजाब के 24.6 फीसदी ने इस पार्टी को वोट देकर पहले स्थान पर काबिज किया है जबकि स्पष्ट बहुमत वाली तुम्हारी पार्टी 7.9 फीसदी वोट के साथ दुसरे स्थान पर है और पहले और दुसरे स्थान में 3 गुना से ज्यादा का फर्क है तो क्या पंजाब के लोग भूले भटके हैं?

भगवंत मान ने इसका विरोध करते हुए स्पीकर साहिबा से कहा कि मंत्री जी दिल्ली के 33 फीसदी लोगों का अपमान कर रहे हैं, जो भाजपा को वोट दें वो समझदार और बाकी भूले भटके? इस हिसाब से भाजपा को 31 फीसदी वोट मिले हैं इसका मतलब 69 फीसदी भारतीय भूले भटके है? तब रूडी ने अध्यक्ष से कहा कि वे अपने शब्द वापस लेते हैं।

कुछ देर बाद फिर एक बार फिर जब रूडी ने कहा की भारतीय राजनीति में कुछ लोग ऐसे हैं जो अपनी पत्नी को मंत्री बना देते हैं उनको कोई और नहीं दिखता। भगवंत मान ने फिर से टोकते हुए कहा कि आपके पास बैठे कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर बादल भी डिप्टी सीएम की पत्नी हैं और इस परिवार को तो अब मंत्री परिवार कहा जाता है। अगर कोई बाल मंत्रालय होता तो इनके बच्चे भी आ जाते। रूडी जी को अपने वो शब्द भी वापस लेने पड़े।

नाम ‘प्रकाश’ और फैलाया अंधेरा

सांसद भगवंत मान ने संसद में पंजाब की बादल सरकार पर भी जमकर कटाक्ष किए। बिजली की किल्लत से परेशान दिल्लीवासियों का पक्ष लेते हुए मान ने कहा कि पंजाब में भी ज़्यादातर बिजली गायब ही रहती है। बादल के बारे में मान ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री का नाम तो प्रकाश है परंतु उन्होंने पूरे राज्य में अंधेरा ही फैलाया हुआ है।

मुख्यमंत्री दवा की तरह पंजाब को बिजली दे रहे हैं। मान ने कहा कि सुबह, दोपहर, शाम और रात को लग रहे बिजली के कट ने लोगों को परेशान करके रखा हुआ है।

इधर दिल्ली में कहा जा रहा है कि 10 बजे से 11 बजे तक बल्ब न जलाएं, 12 बजे से पंखा न जलाएं, 3 बजे से एसी न चलाएं और रात को 10 बजे के बाद मॉल में न जाएं। कोई ये तो बता दे कि ये अच्छे दिन आने वाले हैं या पुराने दिन आने वाले हैं।

मुख्यमंत्री बादल के तमाशबीन बताने के बयान पर भगवंत मान कहते हैं कि सबसे बड़े तमाशबीन अकाली-भाजपा व कांग्रेसी नेता हैं। यदि बादल कलाकारों के राजनीति में आने को तमाशा बताते हैं तो भाजपा में शामिल नवजोत सिंह सिद्धू, हेमा मालिनी, विनोद खन्ना, स्मृति ईरानी भी तो कलाकार हैं, क्या बादल उन्हें भी इसी नजरिए से देखते हैं।

रेल बजट पर ये बोले भगवंत मान

संसद में अपने तीन मिनट के भाषण के अंत में भगवंत मान ने कविता की 4 लाइनें पेश कीं-
मैं भारतीय रेल हूं, पता नहीं मुझे कि मैं पास हूं या फेल हूं
जब हर कोई जातिवाद की बाढ़ में बह गया है
सिर्फ रेलवे डिपार्टमेंट ही सेक्युलर रह गया है
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इसलिए कॉमेडियन आए हैं सीरियस राजनीति में

हाल ही में एक टीवी इंटरव्यू में जब भगवंत मान से पूछा गया कि आप स्टार हैं। आप से पहले स्टार पॉलीटिक्स में आए, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए।

इस पर भगवंत मान बोले, पिछले दिनों मुझे लोकसभा में भाजपा के एक एमपी मिला तो उसने कहा कि मान साहब, अब तो आपकी कॉमेडी और मजाक सुनने को मिलेंगे तो इस पर भगवंत मान बोले कि मजाक तो आप जैसे नेताओं नेताओं ने देश का बनाकर रख दिया है कि इसलिए अब कॉमेडियनंस को सीरियस राजनीति करने उतरना पड़ रहा है।
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