आप अपने डॉग का नाम चाहे कुछ भी रखे लेकिन उसकी पहचान एक सरकारी नंबर होगा। यह नंबर नगर निगम की ओर से जारी किया जाएगा और उसके रिकार्ड में हमेशा दर्ज रहेगा।
मेयर पूनम शर्मा के कहने पर अधिकारियों ने यह प्रस्ताव तैयार किया है। इसे मंगलवार को निगम कमिश्नर भावना गर्ग की मंजूरी के बाद लागू कर दिया जाएगा।
प्रस्ताव के अनुसार हर पालतू कुत्ते के गले में पट्टा होना जरूरी है क्योंकि यह नंबर उसी पट्टे पर होगा। इसके अलावा इससे पता करने में भी आसानी होगी कि किस डॉग का लाइसेंस जारी हुआ है।
इस समय शहर में 15 हजार पालतू कुत्ते हैं, लेकिन सिर्फ 4455 डॉग ही निगम के पास रजिस्टर्ड हैं। इसके रजिस्ट्रेशन की फीस मात्र 200 रुपये है।
अब पालतू कुत्तों के संबंध में नियमों को लागू करवाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी डॉग्स का रजिस्ट्रेशन जरूर हो।
- पूनम शर्मा, मेयर