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पीजीजीसीजी-42 में हुए राष्ट्रीय वेबिनार में बोले वक्ता, कोरोना महामारी का प्रकोप वर्तमान पीढ़ी के मन में वर्षों तक रहेगा

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चंडीगढ़। कोरोना महामारी का प्रकोप वर्तमान पीढ़ी के मन में वर्षों तक रहेगा। कोविड-19 के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन की आवश्यकता है। यह बात सेक्टर-42 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स में बुधवार को प्रतिबिंब : ‘पर्यावरण, विकास और कोविड-19’ पर राष्ट्रीय वेबिनार में वक्ताओं ने कही।
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इस वेबिनार का आयोजन प्रिंसिपल प्रो. बीनू डोगरा और समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. रंजय वर्धन के नेतृत्व में हुआ। इसमें 700 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रो. बीनू डोगरा ने इस वर्चुअल वेबिनार में सभी वक्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि बाहर जाते समय या लोगों से मिलते समय अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर (केंद्रीय) विश्वविद्यालय, लखनऊ के समाज शास्त्र विभाग एवं परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर मनीष के वर्मा ने कहा कि महामारी ने सभी को प्रभावित किया है। महामारी ने हमारे अस्तित्व पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है।
पीजीजीसीजी- 11 के समाजशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि यद्यपि हम स्पैनिश फ्लू, सार्स, एचआईवी और अन्य बीमारियों जैसे अन्य महामारियों को झेल चुके हैं। इस महामारी का प्रकोप वर्तमान पीढ़ी के मन में वर्षों तक रहेगा। उन्होंने कोविड -19 अवधि के दौरान स्कोपस और वेब ऑफ साइंस में अधिकांश उद्धृत शोध पत्रों के ग्रंथ सूची अध्ययन पर एक प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि आज कोविड-19 के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन की आवश्यकता है।
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