चंडीगढ़ सेक्टर 17 स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित डॉग शो में रविवार को पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम के बनाई गई संस्था एसपीसीए की टीम के इंस्पेक्टर धमेंद्र डोगरा ने एक कार की डिक्की में बंद बेहतरीन किस्मों के 12 डॉग्स के बच्चों को छुड़ाया। इनमें एक कार की डिग्गी में 11 और दूसरी डिग्गी में 1 डॉग का बच्चा था।
इंस्पेक्टर धमेंद्र ने बताया कि वह रविवार को डॉग शो में चैंकिंग कर रहे थे कि कहीं डॉग शो की आड़ में कोई बेहतरीन किस्म में डॉग की खरीद फरोख्त तो नहीं कर रहा। इस दौरान उन्हें पार्किंग में खड़ी कारों की डिक्की से कुछ डॉग्स की रोने की आवाजें आई। जिसके बाद उन्होंने डिग्ग्गी को खोलने की काशिश की लेकिन कार की चाबी न होने के कारण वह उसे खोल नहीं पाए। जिसके बाद उन्होंने डॉग शो में जाकार उन कारों की नंबर प्लेट से अनाउंसमेंट करवाकर मालिकों को बुलाने के लिए स्पीकर से अपील की। अपील के डेढ़ घंटे बाद कार के मालिक कारों के पहुंचे। जिसके बाद एसपीसीए और पुलिस की मौजूदगी में कारों से 12 डॉग्स के बच्चों को रेस्कयू करवा गया।
एसपीसीए के इंसपेक्टर ने कारों की डिग्गी में डॉग्स के बच्चों पीसीए अधिनियम 1960 के तहत दोबारा धारा के तहत 34 सेंशन के तहत सील कर दिया। वहीं उनके मालिकों के खिलाफ धारा 11 (1), ए, डी, ई, जी, एच, आर के तहत धाराएं लगाते हुए पर्चा काट दिया। इंस्पेक्टर धमेंद्र ने बताया कि अब डॉग्क मालिकों को कोर्ट में पेश होना होगा। वहीं उन्होंने बताया कि जिन डॉग्स के 12 बच्चों को रेस्कयू कराया गया। उन्हें सेक्टर 38 स्थित एसपीसीए सेंटर में लाया गया जहां उनका मेडिकल हुआ।
डिग्गी में बंद डॉग्स के बच्चे भूख प्यास से चिल्ला रहे थे
इंस्पेक्टर धमेंद्र ने बताया जिस समय 12 डॉग्स के बच्चों को कारों की डिक्की से बाहर निकला गया वह भूख और प्यास से रोते हुए मिले। क्योंकि कई घंटों से वह बिना खाने और हवा पानी के कार की डिक्की में बंद थे। जिन डॉग्स के बच्चों को छुड़ाया गया उनमें गोल्डन रिट्रीवर किस्म के 3, हास्की किस्म के 04, खिलौना पॉम किस्म के 4, गोल्डन रिटवीर किस्म का 1 डॉग का बच्चा शामिल रहा। दिलजीत सिंह लुधियाना की कार की डिक्की से 11 डॉग्स के बच्चे और मलेरकोटला के दलबीर सिंह की कार की डिग्गी से 1 डॉग का बच्चा रिकवर किया गया।