पटियाला जेल में डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट के कहने पर मोबाइल न बेचने वाले कैदी के साथ अमानवीय अत्याचार का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने अब कैदी को मेडिकल के लिए पटियाला के सीएमओ के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट अगली सुनवाई तक कोर्ट में पेश करने का भी निर्देश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अमनदीप कौर ने हाईकोर्ट को बताया कि यह मामला उनके समक्ष मोबाइल के माध्यम से पहुंचा। याची को एक शिकायत मिली थी, जो हाईकोर्ट के जज को संबोधित करते हुए लिखी गई थी। याची ने बताया कि एक कैदी को लगातार जेल में मोबाइल बेचने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
जब कैदी ने डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट के कहने पर ऐसा करने से मना किया तो 23 फरवरी 2021 को पहले डंडे से पीटा गया और बाद में उसके साथ अमानवीय अत्याचार किया गया। इसके बाद से ही लगातार कैदी की तबीयत बिगड़ती जा रही है और उसे किसी से मिलने भी नहीं दिया जाता है। याची ने बताया कि कैदी की पत्नी ने आकर याची से सहायता मांगी थी। इसके बाद मानवाधिकार आयोग को इस संबंध में मांगपत्र दिया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
अधिकारी के खिलाफ बरनाला जेल के कैदी ने बनाई थी वीडियो
याची ने बताया कि इसी डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट के खिलाफ बरनाला जेल के एक कैदी ने वीडियो बनाई थी। इसमें कैदी ने बताया था कि उसे जेल में फोन बेचने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है।
याची ने हाईकोर्ट से अपील की थी कि कैदी का पीजीआई में मेडिकल करवाया जाए और उसे इलाज के बाद कोर्ट में पेश किया जाए। हाईकोर्ट ने अब कैदी का मेडिकल करने का पटियाला के सीएमओ को आदेश दिया है। साथ ही पंजाब सरकार को अगली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में मेडिकल रिपोर्ट पेश करनी होगी।