स्नैचिंग व चोरियों के मामले सुलझाने में यूटी पुलिस नाकाम साबित हो रही है। इन मामलों को सुलझाने में पुलिस का रिकॉर्ड इतना बेहतर नहीं है, जितना कि अन्य मामलों को सुलझाने में है।
इस वर्ष का अब तक का पुलिस का रिकॉर्ड देखें तो पुलिस तीन में से एक ही स्नैचिंग के केस सुलझा पाई है। 31 जुलाई तक शहर में कुल 62 स्नैचिंग हो चुकी है और पुलिस ने सिर्फ 21 मामलों को सुलझाने में सफलता पाई है।
वाहन चोरी के मामलों में भी पुलिस ने इस वर्ष अब तक कुछ अधिक सफलता नहीं पाई है। इस वर्ष जुलाई तक शहर में 384 वाहन चोरी के मामले सामने आए और सिर्फ 86 वाहन चोरी के मामले ही निपटे हैं।
जेल से बाहर आने वाले ही करते हैं वारदात
पुलिस विभाग का कहना है कि वाहन चोरी और स्नैचिंग को अंजाम देने वाले अधिकतर पुराने अपराधी ही होते हैं। पुलिस उनको पकड़ती है। कोर्ट में केस चल रहा होता है। आरोपी जमानत पर बाहर आते ही वारदातें शुरू कर देते हैं।
ऐसे में पुलिस भी असहाय नजर आती है। पुलिस लोगों से ही अपील करती है कि वह ही सावधानियां बरतें, जिससे स्नैचिंग न हो सके। वाहन चोरियों में भी पुलिस का मानना है कि वह देर रात तक नाके लगाती है।
कई बार चोरी कर वाहन ले जाते आरोपियों को नाकों से पकड़ा भी गया है। अधिकारी कहते हैं कि पुलिस हर समय हर जगह तैनात नहीं हो सकती है। लोग अगर घरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए या फिर गाड़ियों में ही सुरक्षा के उपकरण लगाकर रखें तो चोरियों में कमी आ सकती है।