अब जाट आरक्षण आंदोलन के नाम पर लड़ाई नहीं लड़ी जाएगी। खाप पंचायतो ने बैठक कर बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, प्रदेश में अब खाप पंचायतें जाट आरक्षण के नाम पर लड़ाई नहीं लड़ेंगी, बल्कि किसान आरक्षण के नाम पर संघर्ष को आगे बढ़ाएंगी।
इसके लिए जाटों के साथ जट सिख, मूला जाट, त्यागी, रोड व बिश्नोई समाज को भी एक मंच पर लाया जाएगा, क्योंकि सभी छह जातियां किसान वर्ग से संबंधित हैं। इसलिए जाट आरक्षण की जगह किसान आरक्षण मंच नया नाम दिया गया है। रविवार को सोनीपत की छोटूराम धर्मशाला में हुई खाप पंचायत प्रतिनिधियों की मीटिंग में यह फैसला लिया गया दहिया खाप के प्रधान सुरेंद्र दहिया ने बताया कि खाप किसी जाति विशेष की नहीं, बल्कि 36 बिरादरी से जुड़ी होती हैं। इससे समाज में गलत संदेश जा रहा था कि खाप केवल जाट समाज से जुड़ी हैं।
महम चौबीसी के चबूतरे पर खाप दिखाएंगी ताकत
जाट आरक्षण
- फोटो : File Photo
दूसरा, आरक्षण केवल जाट समाज को नहीं मिला था, बल्कि जट सिख, मूला जाट, रोड, त्यागी व बिश्नोई समाज को भी मिला था। सभी छह जातियां किसान वर्ग से जुड़ी हैं। इस कारण जाट आरक्षण का नाम बदलकर किसान आरक्षण रखा गया है।
खाप प्रतिनिधियों की मीटिंग में सरोह खाप के खाप रणधीर सरोहा, नांदल खाप से महेंद्र नांदल, अहलावत खाप से जयसिंह अहलावत, रोहतक 84 खाप से हरदीप अहलावत, मलिक खाप से अशोक मलिक व कैप्टन जगबीर, बड़वासनी 12 से प्रीतम व गहलावत खाप से सतबीर ने फैसले का समर्थन किया।
खाप अपनी ताकत दिखाने के लिए 13 सितंबर को रोहतक के महम में चौबीसी के चबूतरे पर महापंचायत करेंगी। महापंचायत में पदक विजेता साक्षी मलिक के अलावा ओलंपिक में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।