सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी के अधिकारियों के गले से यह बात नीचे नहीं उतर रही है कि एक दुकानदार, जिसने कभी जिंदगी में छोटा मोटा झगड़ा भी न किया हो, वह सीधे 20 पुलिस कर्मचारियों और एसीपी की मौजूदगी में सुधीर को कैसे गोली मार सकता है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं संदीप को उकसाया तो नहीं गया। अधिकारियों के समक्ष संदीप सिर्फ यही कह रहा है कि उसने किसी के कहने पर नहीं बल्कि खुद से गोली मारी।
पुलिस को उसने बताया कि फेसबुक व सोशल मीडिया पर उसने सुधीर को सिखों के खिलाफ बोलते देखा था। अधिकारी इस पर भी सवाल कर रहे हैं कि सुरी ने सिखों के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो तो काफी समय पहले जारी की थी फिर इतनी देर बाद उसने यह कदम क्यों उठाया। एसआईटी के एक अधिकारी ने बताया, संदीप व अमृतपाल के संबंधों की जांच जरूरी है, क्योंकि सूरी के परिजनों ने हत्या के पीछे उसी का हाथ बताया। साथ ही, आरोपी की कार से अमृतपाल के संगठन का स्टीकर भी मिला था।
एसआईटी में हुआ बदलाव
एसआईटी में रविवार को कुछ बदलाव किया गया। इसमें एडीसीपी सिटी आईपीएस अधिकारी अभिमन्यु राणा को शामिल किया गया है। एसआईटी प्रमुख मुखविंदर सिंह की जगह अमृतसर के एआईजी एनआरआई जगजीत सिंह वालिया को नियुक्त किया गया है। मुखविंदर सिंह छुट्टी पर चले गए हैं। उन्होंने पहले से ही विदेश जाने के लिए छुट्टी का आवेदन कर रखा था। डीजीपी गौरव यादव लगातार एसआईटी से इनपुट ले रहे हैं। एसआईटी में अमनदीप सिंह व एंटी गैंगस्टर स्टाफ के शिव दर्शन सिंह को भी शामिल किया गया है।