शिरोमणी अकाली दल ने जताई आपत्ति
शिरोमणी अकाली दल (शिअद) ने कहा है कि विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख को बदलने में कुछ भी नया नहीं किया गया है क्योंकि भगवंत मान सरकार अधिकारियों को अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ भगवंत मान की सोच के अनुसार कार्रवाई करने को मजबूर कर रही है। पार्टी ने इस कवायद को विरोधियों के खिलाफ राजनीतिक बदलाखोरी करार दिया है।
शिअद के लीगल सेल के प्रमुख अर्शदीप सिंह कलेर ने आप सरकार की निंदा करते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ कि एसआईटी के प्रमुख बदले गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी मोर्चों पर नाकाम रहने के बाद भगवंत मान सरकार पंजाबियों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जिसने भी सरकार द्वारा लिखी राजनीतिक कहानी पर काम करने से इंकार किया, उसे बदल दिया गया, क्योंकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दो महाधिवक्ता और तीन डीजीपी को बदलना इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि दिसंबर की एक रात को डीजीपी ने केवल अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए यह मामला दर्ज कराया।
कलेर ने आगे कहा कि आप सरकार यह भूल गई है कि मजीठिया को जमानत देते समय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा था कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है और यह सारा मामला पूरी तरह से राजनीतिक बदलाखोरी प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि इस मामले को दर्ज हुए डेढ साल से अधिक समय बीत चुका है। आज तक सरकार और पुलिस इस मामले में चालान पेश करने में विफल रही है।