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कोटकपूरा गोलीकांड: एसआईटी ने दाखिल किया चौथा अनुपूरक चालान, पुलिस से एसएलआर छीन प्रदर्शनकारी ने चलाई थी गोली

Fri, 15 Sep 2023 03:45 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)

सार

चालान पहले से नामजद पुलिस अधिकारियों के खिलाफ धारा 118 व 119 के तहत दाखिल किया गया है। इसमें तथ्यों की अनदेखी किए जाने के आरोप हैं। अब 16 सितंबर को सुनवाई होगी। 
 
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कोटकपूरा गोलीकांड में चार्जशीट दाखिल। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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2015 के कोटकपूरा गोलीकांड केस में पंजाब पुलिस की एसआईटी ने घटना से सम्बंधित एफआईआर नंबर 192 में शुक्रवार को अदालत में 22 पेज का अनुपूरक चालान दाखिल किया। इस घटना में एसआईटी ने यह चौथा चालान पेश किया है और इस एफआईआर में पहले से चार्जशीट चार पुलिस अधिकारियों तत्कालीन एसएचओ सिटी कोटकपूरा गुरदीप सिंह, तत्कालीन एसएसपी फरीदकोट सुखमंदर सिंह मान, तत्कालीन आईजी परमराज सिंह उमरानंगल व तत्कालीन डीजीपी सुमेध सिंह सैनी पर आईपीसी की धारा 118 व 119 के तहत चालान पेश करते हुए उन पर घटना से जुड़े अहम तथ्थों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को पहले से ही तय है।

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जानकारी के अनुसार कोटकपूरा गोलीकांड केस से सम्बंधित दोनों एफआईआर की जांच कर रही एडीजीपी एलके यादव की अगुवाई वाली एसआईटी ने इसी साल 24 फरवरी को राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के अलावा छह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ करीब सात हजार पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद एसआईटी ने क्रमवार 25 अप्रैल व 28 अगस्त को 2400 व 2500 पेज के अनुपूरक चालान पेश किए और शुक्रवार को महज 22 पेज का चौथा चालान पेश किया। 

शुक्रवार को घटना से जुड़ी एसआईआर नंबर 192 में चालान पेश किया गया है। यह एफआईआर घटना वाले दिन थाना सिटी कोटकपूरा के एसएचओ गुरदीप सिंह के बयान पर प्रदर्शनकारियों पर दर्ज हुई थी लेकिन एसआईटी ने उक्त केस में तत्कालीन एसएचओ के अलावा तत्कालीन एसएसपी मान, तत्कालीन आईजी उमरानंगल व तत्कालीन डीजीपी सैनी को चार्जशीट किया है। चूंकि इस घटना में घायल कुछ पुलिस अधिकारियों व कर्मियों ने अदालत में याचिकाएं दायर करके प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस पर 16 सितंबर को सुनवाई होनी है। ऐसे में एसआईटी ने एक दिन पहले शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों पर तथ्यों की अनदेखी करने की धाराएं लगाकर अनुपूरक चालान दाखिल कर दिया है।

पुलिस से एसएलआर छीनकर प्रदर्शनकारी ने चलाई थी गोली

कोटकपूरा गोलीकांड के दौरान एक प्रदर्शनकारी को लगी गोली मामले में एसआईटी की जांच में नए तथ्य सामने आए हैं। एसआईटी के अनुसार यह गोली पुलिस ने नहीं बल्कि एक अन्य प्रदर्शनकारी ने पुलिस से छीनी गई एसएलआर से चलाई हो सकती है। इस तथ्य के साथ इस मामले में एक तरह से नया मोड़ आ सकता है।

कोटकपूरा गोलीकांड के दौरान प्रदर्शनकारी अजीत सिंह को गोली लगी थी। इस संबंध में उसके बयान पर ही पुलिस अधिकारियों के खिलाफ साल 2018 में 129 नंबर एफआईआर दर्ज की गई थी। अजीत सिंह ने बयान दिया था कि पुलिस की गोली उनकी एक टांग में लगी है। इस मामले में एसआईटी ने अदालत में चालान के साथ उस समय की सीसीटीवी फुटेज की सीडी सुबूत के तौर पर पेश किया। इस फुटेज में उस समय चौक से लगते मुक्तसर रोड व जैतो रोड की फुटेज दिखाई गई है।
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एसआईटी की जांच के अनुसार गोलीकांड के समय प्रदर्शनकारियों ने हेड कांस्टेबल रशपाल सिंह और कांस्टेबल कुलविंदर सिंह से दो एसएलआर छीनी थी। इन्हें लेकर दो व्यक्ति जाते सीसीटीवी में दिखाई दे रहे हैं। चालान के पृष्ठ नंबर 257 पर एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि फुटेज के अनुसार यह एसएलआर प्रदर्शनकारियों द्वारा बीट बाक्स में खड़े दो पुलिसकर्मियों से छीनी गईं। इनमें से एक व्यक्ति सुबह छह बज कर 49 मिनट चार सेकेंड पर और दूसरा व्यक्ति छह बजकर 49 मिनट आठ सेकेंड पर एसएलआर समेत फुटेज में कैद हुआ है। इनमें से नीले कपड़े और पीली दस्तार वाला प्रदर्शनकारी एसएलआर लेकर मुक्तसर रोड की ओर जाता दिखाई दिया। जबकि नीले बाणे, केसरी सिरोपा और पीली पगड़ी वाला प्रदर्शनकारी एसएलआर लेकर फरीदकोट रोड की ओर जाता दिखाई दिया। 

दूसरी ओर प्रदर्शनकारी मुक्तसर रोड की ओर भाग रहे थे। इसी ओर अजीत सिंह भी दिखाई देता है। अजीत को एकदम गोली लगती है और वह गिर पड़ता है। एसआइटी के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देता है कि जिस समय अजीत सिंह को गोली लगी उस समय पुलिस की ओर उसकी बाईं टांग है जबकि मुक्तसर रोड जिस ओर प्रदर्शनकारी हैं उस ओर उसकी दाईं टांग है। इसके पश्चात उसे गोली भी दाईं टांग में ही लगी है जो मुक्तसर रोड की ओर से चली और उस ओर सभी प्रदर्शनकारी ही हैं। इससे यह लगता है कि जो एसएलआर प्रदर्शनकारी लेकर भागे थे उसी से वह गोली चली और अजीत सिंह को लगी। 
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