पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का अंतिम संस्कार मंगलवार को उनके पैतृक गांव मूसा में गमगीन माहौल में किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में उनके प्रशंसक पहुंचे थे। सभी की आंखें नम थीं। लोगों में सरकार के खिलाफ गुस्सा था। उनके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। मूसेवाला की अंतिम यात्रा उनके पसंदीदा ट्रैक्टर 5911 पर निकाली गई। इस ट्रैक्टर का इस्तेमाल वह अक्सर अपने म्यूजिक एलबम में करते थे।
इसे फोटो व हार से सजाया गया था। उनका अंतिम संस्कार श्मशानघाट के बजाय उस खेत में किया गया, जिसे मूसेवाला ने खरीदा था। यात्रा के दौरान पिता बलकौर सिंह व माता चरण कौर ने अपने बेटे सिद्धू मूसेवाला के लिए उमड़े प्यार व भीड़ के सामने हाथ जोड़े। पिता ने पगड़ी उतारकर लोगों का धन्यवाद किया।
उन्होंने सरकार से अपने बेटे के हत्यारों को सजा दिलाने की मांग की। अंतिम यात्रा में पैर रखने की जगह नहीं थी। लोगों का सैलाब इस कदर उमड़ा कि छतों, दीवारों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, ट्रकों, जीपों, कारों की छतों से मूसेवाला के अंतिम दर्शन किए। इस दौरान पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा भी पहुंचे थे। सिद्धू की हत्या के खिलाफ मंगलवार को बठिंडा समेत कई जिलों में प्रदर्शन भी किया गया।
मां ने दूल्हे की तरह सजाया, पिता ने बांधा सेहरा
अंतिम संस्कार से पहले मां चरण कौर ने सिद्धू को दूल्हे की तरह सजाया। पिता बलकौर सिंह ने गुलाबी रंग की पगड़ी बांधकर बेटे का सेहरा सजाया। सिद्धू की मूंछों पर ताव भी दिया। सिद्धू को श्रद्धांजलि देने के लिए उनकी फोटो हाथों में लेकर लोग पहुंचे थे। कई जगहों पर उनके गाने बजाए जा रहे थे। भीड़ को काबू करने के लिए दो जिलों की पुलिस तैनात की गई थी।
बेटे के बाल संवारे थे तो भर आईं लोगों की आंखें
अंतिम यात्रा के लिए मां ने आखिरी बार बेटे के बाल संवारे। यह देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि मूसेवाला उनके बीच नहीं रहे। युवाओं के बीच वह खासे लोकप्रिय थे। जब भी वह किसी कार्यक्रम में जाते थे तो हजारों की तादाद में युवा वहां पहुंच जाते थे।
संघरेड़ी में हुई थी सिद्धू की मंगनी, एक माह बाद था विवाह
सिद्धू मूसेवाला की मंगनी जिला संगरूर के गांव संघरेड़ी में हुई थी। एक माह बाद विवाह होना था। चुनाव लड़ने की वजह से उनका विवाह टल गया था। दोनों परिवार विवाह की तैयारियों में जुटे थे। इस हत्याकांड के बाद दोनों परिवारों के अरमान मन में ही रह गए।