उन्होंने गुरदासपुर के डीसी की ओर से आयोजित जूम मीटिंग में गुहार लगाई गई तो उन्हें आश्वासन मिला। आपको बताते चलें कि सोमवार को गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इशफाक ने इस मसले के बारे में एक ट्वीट ऑपरेशन गंगा पर किया। पूरे मामले पर वह बेहद संवेदनशील हैं। इस बारे में डीसी से बात नहीं हो पाई और उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।
हेल्पलाइन जुटा रही डाटा
यूक्रेन में फंसे छात्रों की सूचना उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए स्थापित हेल्पलाइन फिलहाल छात्रों की सूचना एकत्र करने करने में जुटी है। हेल्पलाइन के माध्यम से छात्रों का डाटा तैयार किया जा रहा है। यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिजनों का आरोप है कि वहां उनके बच्चों को पेश आ रही मुश्किलों के बारे में हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
अपना नाम न छापने की शर्त पर सरकार के विभिन्न विभागों में तैनात अभिभावकों ने बताया कि उन्हे बताया गया था कि कई स्तर पर हेल्पलाइन नंबर दिया गया है, जिससे उनको बच्चों के बारे में सही जानकारी प्रदान की जा सके। रोजाना जिला और राज्य स्तर से फोन आ रहे हैं। बच्चों से जुड़ी जानकारी मांगी जाती है।
बच्चों के हालात, मुश्किलें और उनकी लोकेशन पूछी जाती है। बच्चे किस हाल में हैं, यह जानकारी हेल्पलाइन से नहीं मिल पा रही है। उनके बच्चे भारी बमबारी के बीच बंकरों में छिपे हैं। खारकीव में एक युवक की मौत ने उन्हें बेहद विचलित कर दिया है और उनके मन में कई तरह के डरावने ख्याल आ रहे है। परिजनों ने बताया कि उनके बच्चे कीव, खारकीव व रोमानिया सीमा पर फंसे हैं।