ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में आईपीएस की नौकरी छोड़ी थी
सिमरनजीत सिंह मान का जन्म साल 1945 में शिमला में हुआ था। चंडीगढ़ के सरकारी कॉलेज से स्नातक करने के बाद 1967 में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में शामिल हुए। इस दौरान वे पुलिस अधीक्षक (सतर्कता), एसपी (मुख्यालय), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) फिरोजपुर, एसएसपी फरीदकोट और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के ग्रुप कमांडेट सहित विभिन्न पदों पर रहे।
वे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साढ़ू हैं। उन्होंने 18 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में नौकरी छोड़ दी थी। मान खालिस्तान के समर्थक रहे हैं और विभिन्न मंचों पर सिखों और अल्पसंख्यकों के मुद्दों को उठाते रहे हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जोगिंदर सिंह मान विधानसभा स्पीकर रहे थे।
हिमाचल और गुजरात की डगर हुई मुश्किल
इस हार के साथ आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब मॉडल को हरियाणा, हिमाचल और गुजरात के होने वाले विधानसभा चुनाव में पेश कर लोगों को प्रभावित करने की मंशा पर ग्रहण लग गया है। आप को अर्श पर पहुंचाने वाले पंजाब ने तीन माह में फर्श पर पटक दिया है।
आप की हार के कारण
- मूसेवाला की हत्या और प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था
- पंजाब में नशा और बेअदबी जैसे बड़े मुद्दों पर सख्त कार्रवाई नहीं
- दिल्ली सरकार की पंजाब में अधिक दखलंदाजी जनता को रास नहीं आई
- सिद्धू मूसेवाला के वायरल ऑडियो में सिमरनजीत सिंह मान के साथ संवाद
किसे कितने वोट मिले
- सिमरनजीतसिंह मान, शिअद (अ) 253154
- गुरमेलसिंह घराचों, आम आदमी पार्टी 247332
- दलवीर सिंह गोल्डी, कांग्रेस 79668
- केवल सिंह ढिल्लों, भाजपा 66298
- कमलदीपकौर, शिअद (ब) 44428
संगरूर की जनता का फैसला सिर माथे पर। मैं पंजाब की तरक्की और खुशहाली के लिए दिन-रात ईमानदारी से मेहनत कर रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा। मैं आपका बेटा हूं और आपके परिवार के भविष्य को रोशन बनाने के लिए कोई कसर नहीं रहने दूंगा। - भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब
यह हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं और संत जरनैल सिंह भिंडरावाले की तालीम की जीत है। मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के किसानों, खेतिहर मजदूरों, व्यापारियों की पीड़ा को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत करुंगा। - सिमरनजीत सिंह मान