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Sangrur By Election Result: तीन महीने बाद अपने गढ़ में हारी आप, सिमरनजीत सिंह मान जीते, कांग्रेस, शिअद और भाजपा की जमानत जब्त

Sun, 26 Jun 2022 02:42 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संगरूर (पंजाब)

सार

संगरूर से भगवंत मान दो बार सांसद का चुनाव जीते। सीएम बनने के बाद उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दिया था। अब उपचुनाव में हार के बाद आम आदमी पार्टी का एक भी लोकसभा सांसद नहीं है।
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संगरूर के नए सांसद सिमरनजीत मान। - फोटो : twitter
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विस्तार
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पंजाब विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड जीत हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी (आप) को तीन महीने बाद ही अपने ही गढ़ में हार का सामना करना पड़ा है। संगरूर लोकसभा के उपचुनाव में शिरोमणि अकाली दल (अ) के अध्यक्ष और खालिस्तान समर्थक सिमरनजीत सिंह मान ने आप के उम्मीदवार गुरमेल सिंह घराचों को 5822 मतों से हराया। वहीं कांग्रेस, शिअद और भाजपा के प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा सके।

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संगरूर लोकसभा सीट पर आप का दबदबा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान 2014 और 2019 में इसी सीट से सांसद चुने गए थे। वह इसी लोकसभा क्षेत्र की धुरी विधानसभा सीट से विधायक हैं। इसमें नौ विधानसभा सीटे हैं। साल 2022 में आप ने सभी विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद मान ने यह सीट छोड़ दी थी। दो दशक बाद संसद लौटे 77 वर्षीय मान ने 23 साल बाद इस सीट पर जीत हासिल की है।

वे साल 1989 में तरनतारन और 1999 में संगरूर से लोकसभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने 2022 का विधानसभा चुनाव अमरगढ़ सीट से लड़ा था और आप के जसवंत सिंह गज्जनमाजरा से 6043 वोटों से हार गए थे। जीत के बाद सिमरनजीत ने कहा-कई लोग हंसते थे और कहते थे कि सिमरनजीत सिंह मान क्या करेगा। वे आज गलत साबित हो गए। उन्होंने अपनी जीत के लिए मतदाताओं का धन्यवाद किया। जीत के बाद मान समर्थकों ने रोड शो निकाला। अधिकतर युवाओं के हाथों में दीप सिद्धू और सिद्धू मूसेवाला की तस्वीरें थीं।

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ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में आईपीएस की नौकरी छोड़ी थी
सिमरनजीत सिंह मान का जन्म साल 1945 में शिमला में हुआ था। चंडीगढ़ के सरकारी कॉलेज से स्नातक करने के बाद 1967 में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में शामिल हुए। इस दौरान वे  पुलिस अधीक्षक (सतर्कता), एसपी (मुख्यालय), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) फिरोजपुर, एसएसपी फरीदकोट और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के ग्रुप कमांडेट सहित विभिन्न पदों पर रहे।

वे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साढ़ू हैं। उन्होंने 18 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में नौकरी छोड़ दी थी। मान खालिस्तान के समर्थक रहे हैं और विभिन्न मंचों पर सिखों और अल्पसंख्यकों के मुद्दों को उठाते रहे हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जोगिंदर सिंह मान विधानसभा स्पीकर रहे थे।
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हिमाचल और गुजरात की डगर हुई मुश्किल
इस हार के साथ आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब मॉडल को हरियाणा, हिमाचल और गुजरात के होने वाले विधानसभा चुनाव में पेश कर लोगों को प्रभावित करने की मंशा पर ग्रहण लग गया है। आप को अर्श पर पहुंचाने वाले पंजाब ने तीन माह में फर्श पर पटक दिया है। 

आप की हार के कारण
  • मूसेवाला की हत्या और प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था
  • पंजाब में नशा और बेअदबी जैसे बड़े मुद्दों पर सख्त कार्रवाई नहीं
  • दिल्ली सरकार की पंजाब में अधिक दखलंदाजी जनता को रास नहीं आई
  • सिद्धू मूसेवाला के वायरल ऑडियो में सिमरनजीत सिंह मान के साथ संवाद

किसे कितने वोट मिले 
  • सिमरनजीतसिंह मान, शिअद (अ)        253154
  • गुरमेलसिंह घराचों, आम आदमी पार्टी    247332
  • दलवीर सिंह गोल्डी, कांग्रेस                  79668
  • केवल सिंह ढिल्लों, भाजपा                   66298
  • कमलदीपकौर, शिअद (ब)                   44428

संगरूर की जनता का फैसला सिर माथे पर। मैं पंजाब की तरक्की और खुशहाली के लिए दिन-रात ईमानदारी से मेहनत कर रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा। मैं आपका बेटा हूं और आपके परिवार के भविष्य को रोशन बनाने के लिए कोई कसर नहीं रहने दूंगा। - भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब

यह हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं और संत जरनैल सिंह भिंडरावाले की तालीम की जीत है। मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के किसानों, खेतिहर मजदूरों, व्यापारियों की पीड़ा को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत करुंगा। - सिमरनजीत सिंह मान
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