धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्षी सदस्यों के 17 नोटिस रद
पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन शनिवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के खिलाफ अकाली दल और बसपा के सदस्यों ने 17 नोटिस दिए। यह सभी नोटिस सदन ने अकाली दल और कांग्रेस के सदस्यों की गैरमौजूदगी के बीच ध्वनिमत से रद्द कर दिए।
अकाली दल के मनप्रीत सिंह अयाली, डॉ. सुखविंदर कुमार सुखी और गुनीव कौर मजीठिया द्वारा छह नोटिस दिए गए थे। वहीं डा. नछत्तर पाल की ओर से भी 11 नोटिस दिए गए, जिनमें सूबे की कानून-व्यवस्था, किसानों, कर्मचारियों, सिंचाई, बिजली जैसे मुद्दों को धन्यवाद प्रस्ताव के अंत में जोड़ने की मांग की गई थी। लेकिन सभी नोटिस सदन में ध्वनिमत से रद्द कर दिए।
मनप्रीत अयाली, डा. सुखविंदर सुखी और गुनीव कौर मजीठिया द्वारा दिए गए नोटिस
- राज्य की बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था का कोई जिक्र नहीं किया गया।
- जनवरी 2004 से बंद की गई मुलाजिमों की पेंशन की बहाली का अभिभाषण में जिक्र नहीं किया गया।
- पुनर्गठन के नाम पर खत्म किए गए पदों को पुनर्गठित कर नई भरती किए जाने का जिक्र नहीं किया।
- ठेके पर काम कर रहे मुलाजिमों के बजाय पक्की भरती करने का कोई जिक्र नहीं किया गया।
- पंजाब विधानसभा के सदस्यों को लोकसभा सांसदों की तरह अख्तियारी फंड और हलके में आफिस देने का जिक्र नहीं किया गया।
- तत्कालीन सरकार द्वारा गुरु नानक देव थर्मल प्लांट बठिंडा और गुरु गोबिंद सिंह थर्मल प्लांट की दो यूनिटों को दोबारा शुरू करने के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया।
डा. नछत्तर पाल ने यह दिए नोटिस
- सरकार के महकमों, बोर्डों, निगमों में डेलीवेज, कांट्रेक्ट पर काम कर रहे मुलाजिमों को पक्का करने का कोई जिक्र नहीं किया गया।
- सीमा पर कंटीली तारों के पार छह जिलों के किसानों को चार साल से लंबित मुआवजा अब तक नहीं दिए जाने का कोई जिक्र नहीं किया गया।
- अब तक तैयार नहीं हो सके शाहपुर कंडी डैम प्रोजैक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने का कोई जिक्र नहीं किया गया।
- राज्य के बेरोजगारों को भत्ता दिए जाने का भाषण में कोई जिक्र नहीं किया गया।
- राज्य के सरपंचों, अलंबड़दारों, चौकीदारों, आशा वर्करों, वेस्लीटेटरों, आंगनवाड़ी वर्करों और मनरेगा योजना के वर्करों को न्यूनतम मजदूरी के अधीन लाने या मानदेय में बढ़ोतरी करने का कोई जिक्र नहीं किया गया।
- नहरों की सफाई करवाकर किसानों को टेल तक पानी मुहैया कराने का कोई जिक्र नहीं किया गया।
- सूबे के लोगों को रोजगार, खेती करने, बेघर लोगों को प्लाट देने के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया।
- अनुसूचित जाति से पदों के लंबित बैकलॉग को पक्की नौ?करियों के रूप में भरने का कोई जिक्र नहीं किया गया।
- मुलाजिमों के रोके गए भत्ते, एसीपी, कैशलैस हेल्थ स्कीम को संशोधित करके लागू करने और 200 रुपये विकास कर रद करने का कोई जिक्र नहीं किया गया।
- 17 जुलाई, 2020 के बाद भरती होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोबोशन पीरियड के दौरान केवल बेसिक वेतन देने संबंधी 15 जनवरी 2015 और 5 सितंबर 2016 के पत्र रद करने का कोई जिक्र नहीं किया गया।
सीएम की सहमति के बाद भी अयाली का नोटिस रद
विधानसभा स्पीकर जब विपक्षी सदस्यों द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव पर दिए गए अलग-अलग नोटिस पर वोटिंग करा रहे थे, तब मनप्रीत अयाली, डा. सुखविंदर सुखी और गुनीव कौर मजीठिया द्वारा दिए गए नोटिस- जनवरी 2004 से बंद की गई मुलाजिमों की पेंशन की बहाली का राज्यपाल के अभिभाषण में जिक्र नहीं होने के नोटिस पर जैसे ही स्पीकर ने सदन के सदस्यों की राय मांगी तो मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद अकाली विधायक मनप्रीत अयाली से कहा कि यह योजना हमारे विचाराधीन है। दूसरी ओर, सदन में बैठे आम आदमी पार्टी के सदस्य इस नोटिस पर इनकार कर चुके थे। इस विचित्र स्थिति पर आखिरकार स्पीकर ने यह नोटिस ध्वनिमत से रद्द कर दिया।