हरियाणा में आनंद विवाह के पंजीकरण के लिए आनंद विवाह पंजीकरण नियम अधिसूचित कर दिया गया है।
हरियाणा गृह विभाग के मुताबिक इस अधिनियम के तहत राज्य में आनंद विवाह के पंजीकरण के लिए ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित तहसीलदार, शहरी क्षेत्रों में नगर निगम में संयुक्त आयुक्त, नगरपालिका समिति में संबद्ध कार्यकारी अधिकारी तथा परिषद में संबद्ध सचिव रजिस्ट्रेशन के लिए अधिकृत किए गए हैं।
ऐसे होगा पंजीकरण
आनंद विवाह के पक्षकार दोहरी प्रति में ज्ञापन तैयार करेंगे। उसे उनके विवाह की तिथि से तीस दिन की अवधि के भीतर रजिस्ट्रार की संतुष्टि के लिए विवाह के सुबूत तथा केवल पचास रुपए की पंजीकरण फीस सहित प्रस्तुत करेंगे।
इन नियमों के लागू होने से पूर्व हुए विवाह के पंजीकरण के लिए ऐसा ज्ञापन, इन नियमों के प्रारंभ की तिथि से एक वर्ष की अवधि के भीतर प्रस्तुत किया जाएगा। ज्ञापन विवाह के दोनों पक्षकारों तथा कम से कम दो अन्य व्यक्ति, जिन्होंने विवाह की साक्षी हो उनके, द्वारा हस्ताक्षर किया जाएगा।
रजिस्टर में विवाह के विवरण दर्ज
विवाह के प्राप्त ज्ञापन तथा दस्तावेजों के सत्यापन पर यदि रजिस्ट्रार की संतुष्टि हो जाती है कि विवाह किया गया है। तब वह रजिस्टर में विवाह के विवरण दर्ज करेगा।
यदि रजिस्ट्रार को विश्वास है कि आनंद विवाह कर्म के अनुसार नहीं किया गया है। तो वह पक्षकारों को ऐसी और सूचना तथा दस्तावेज, जो वह आवश्यक समझे, प्रस्तुत करने के लिए पक्षकारों तथा साक्षियों की पहचान या ज्ञापन की प्राप्ति की तिथि से तीस दिन की अवधि के भीतर उसको प्रस्तुत की गई सूचना या दस्तावेजों की प्रमाणिकता को सिद्ध करने के लिए बुला सकता है।