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राहतः 5 रुपये में संभव है डेंगू का इलाज

Mon, 10 Nov 2014 04:59 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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डेंगू भारत में एक गंभीर समस्या बन गया है। डेंगू से न्यूरो से संबंधित कई बीमारियों सामने आ रही हैं। पीजीआई में आयोजित न्यूरोलाजी की कांफ्रेंस में पहुंचे लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के न्यूरोलाजी डिपार्टमेंट के एचओडी व प्रोफेसर आरके गर्ग ने बताया कि डेंगू से मस्तिष्क पर काफी तगड़ा असर पड़ता है। कई बार मरीज के अंग काम करना बंद कर देते हैं। इससे एक्यूट हाइपोक्लेमिक पैरालिसिस कहते हैं।
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इसमें मरीज के रक्त में पोटेशियम की भारी कमी होती है। मरीज का उठना-बैठना पूरी तरह से बंद हो जाता है। यदि समय पर इलाज मिल जाए तो मरीज की जान बच जाती है।

हालांकि इसका इलाज बहुत ही आसान है। मरीज को तुरंत पोटेशियम से भरपूर फल और जूस पिलाएं। इसके इंजेक्शन काफी सस्ते आते हैं। मात्र पांच से दस रुपये में इसका इलाज संभव है।
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दिमाग की नसें सूख जाती हैं

डेंगू से जीवी सिंड्रोम भी: प्रोफेसर गर्ग ने बताया कि एडीज मच्छर के काटने से जीवी सिंड्रोम नामक बीमारी होने की आशंका रहती है। इसमें दिमाग की नसें सूख जाती हैं।

बच्चों व किशोरों में यह बीमारी अधिक होती है। गंभीर बीमारी होने पर मरीज लकवाग्रस्त हो सकता है। धीरे-धीरे यह पूरे शरीर प्रभावित हो जाता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर मरीज की मौत भी हो जाती है। इसका इलाज है, लेकिन काफी महंगा। इसके इंजेक्शन में करीब दो लाख रुपये का खर्चा हो जाता है।

डेंगू इंसेफैलाइटिस का खतरा: प्रोफेसर गर्ग के मुताबिक डेंगू से जापानी इंसेफैलाइटिस जैसे लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं। इसे डेंगू इंसेफैलाइटिस कहते हैं। इसमें मरीज में लकवा और मिरगी के दौरे पड़ते हैं। इसमें सीधे मस्तिष्क की नसों पर अटैक होता है।

इससे मस्तिष्क की मांसपेशियां भी प्रभावित हो जाती है। प्रोफेसर गर्ग कहते हैं कि इसका फिलहाल कोई इलाज नहीं है। ये क्यों होता है, इसका भी अब तक कोई सूत्र नहीं मिला है। लेकिन अच्छी बात यह है कि यदि मरीज का इम्यून सिस्टम ठीक है तो मरीज की जान बच जाएगी।
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डेंगू से एक ही बचाव न जमने दें पानी

डेंगू से बचने का एक मात्र उपाय है कि अगस्त से लेकर नवंबर के मध्य तक कहीं भी पानी न जमा होने दें। डेंगू एडीज मादा मच्छर के काटने से फैलता है।

दिन गरमी और रात में ठंडा मौसम इस मच्छर के पनपने के लिए सबसे अनुकूल मौसम होता है। घर में रखे गमले का पानी भी इन दिनों बदलते रहें।

प्रोफेसर आरके गर्ग, एचओडी न्यूरोलाजी केजीएमयू लखनऊ के अनुसार ओपीडी में ऐसे केस देखे जा रहे हैं। डेंगू फैलाने वाले मच्छर से न्यूरो से संबंधित कई बीमारियां हो सकती हैं। लोगों को चाहिए कि वे डेंगू को हलके में न लें। घर व आसपास के इलाके में पानी न जमा होने दें।
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