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नींद नहीं आती तो देंखें, कहीं ये बीमारी तो नहीं?

Mon, 10 Nov 2014 03:47 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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यदि आपकी उम्र 50 साल से ऊपर है। रात के बजाए दिन में नींद आती है। सोचने और काम करने की क्षमता प्रभावित हो रही है। शरीर में कंपन और यूरीन में प्रॉब्लम है तो इसे गंभीरता से लें। ये पार्किंसन डिजीज के लक्षण हो सकते हैं।
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पीजीआई में न्यूरोलॉजी की एनुअल कांफ्रेंस में दिल्ली की राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल की डॉ. श्वेता पांडे ने अपना रिसर्च पेपर पेश किया। उन्होंने बताया कि पार्किंसन के 100 मरीजों को बारीकी से अध्ययन किया।

इनमें आधे से ज्यादा मरीजों में रात के वक्त नींद न आने की समस्या देखी गई। रात के बजाए उन्हें दिन में नींद आती थी। इससे डिप्रेशन का लेवल काफी बढ़ा हुआ था। बॉडी में जगह-जगह दर्द था। इससे काम करने और सोचने की क्षमता प्रभावित हो रही थी।
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नींद मिले तो मरीज का जीवन बेहतर

डॉ. श्वेता ने बताया कि एक व्यक्ति के लिए रात की नींद बहुत आवश्यक होती है। कम से कम सात घंटे की नींद। यदि मरीज को रात की नींद मिले तो उनकी उनकी क्वालिटी ऑफ लाइफ में सुधार लाया जा सकता है। वरना ऐसे मरीजों के लिए काफी मुश्किलें बन जाती है। लगातार तनाव में रहने से उनमें दूसरी दिक्कतें भी शुरू हो जाती हैं।

बेस्ट पेपर का अवार्ड
डॉ. श्वेता पांडे की रिसर्च को पीजीआई में आयोजित न्यूरोलॉजी की एनुअल कांफ्रेंस में बेस्ट पेपर के अवार्ड से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर उनकी थीसिस थी। जल्द ही इस पेपर को इंटरनेशनल जरनल में पब्लिश के लिए भेजेंगी।

उनके 100 मरीजों की उम्र 30-70 के बीच थी। सबसे ज्यादा 47 पेशेंट की उम्र 60-70 वर्ष के बीच थी। युवा सिर्फ तीन ही मरीज थे। बुजुर्गों में पार्किंसन की सबसे ज्यादा आशंका रहती है।
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पार्किंसन में दो तरह के लक्षण

डॉ. श्वेता के मुताबिक, पार्किंसन डिजीज में दो तरह के लक्षण हैं। पहला मोटर लक्षण और दूसरा नॉन मोटर लक्षण। मोटर लक्षण में कंपन आना, अचानक से व्यक्ति का गिर जाना, कब्ज होना और चक्कर आना भी शामिल हैं, जबकि नॉन मोटर लक्षण में व्यक्ति को दिन में खूब नींद आती है। रात में वे सोते नहीं। सोचने और काम करने की क्षमता प्रभावित होती है।

ऐसे बचे पार्किंसन से
-50 के पार होते ही रुटीन चेकअप कराएं
-नियमित तरीके से व्यायाम करें
-डॉक्टर की सलाह पर प्रोटीन युक्त खाना लेते रहे
-तनाव न लें और बीपी को कंट्रोल करें।
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