सीबीआई अदालत ने मनीमाजरा थाने में हत्या के प्रयास का केस दर्ज न करने के एवज में 25 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में दो आरोपियों एसआई कुलवर्णजीत सिंह चीमा और सुभाष धीमान को दोषी करार दिया है। दोषी एसआई पिंजौर के शिव कॉलोनी और सुभाष धीमान मनीमाजरा का रहने वाला है। अदालत ने सजा पर फैसला 27 नवंबर तक सुरक्षित रख लिया है।
मामला 24 सितंबर 2012 का है। मनीमाजरा निवासी मनप्रीत सिंह ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि उसका भाई हरबंस है। हरबंस के मकान मालिक ने उस पर किसी अन्य मामले को लेकर शिकायत की थी। इस पर आरोपी कुलवर्णजीत सिंह उसके भाई पर हत्या प्रयास की धारा के तहत मामला दर्ज न करने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है।
कुलवर्णजीत सिंह मनीमाजरा के पुलिस स्टेशन में सब इंस्पेक्टर तैनात था। आरोपी ने मनप्रीत को एक पार्टी में सुभाष धीमान नाम के व्यक्ति को मिलकर पैसे देने को कहा। मनप्रीत रिश्वत नहीं देना चाहता था, जिसके बाद उसने इसकी सूचना सीबीआई को दे दी। सीबीआई ने शिकायत पर ट्रैप लगाया। सीबीआई ने सुभाष धीमान को 25 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी से पूछताछ में एसआई कुलवर्णजीत सिंह चीमा का नाम सामने आया। इसके बाद सीबीआई ने 25 सितंबर 2012 को आरोपी एसआई को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज किया।