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वोट के लिए डेरे से समर्थन मांगने वालों की मुश्किलें बढ़ेंगी, जानिए क्या हुआ है?

Mon, 06 Feb 2017 03:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली/चंडीगढ़
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प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए डेरा सच्चा सौदा से वोट के लिए समर्थन मांगने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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दरअसल, डेरा सच्चा सौदा सिरसा द्वारा पंजाब चुनावों में अकाली-भाजपा गठबंधन को समर्थन देने का मुद्दा दिल्ली में गर्माने लगा है। ऐसा करने वाले सियासी पार्टियों के सिख नेताओं से श्री अकाल तख्त ने नाराजगी जताई है। साथ ही इसे अकाल तख्त के हुकुमनामे का उल्लंघन माना है।

इसलिए अकाल तख्त के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी गुरबचन सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को पड़ताल करके रिपोर्ट देने का आदेश जारी कर दिया है। जत्थेदार ने एसजीपीसी को चिट्ठी लिख कर उन सभी सिख नुमाइंदों की लिस्ट मांगी है, जिन्होंने समर्थन के लिए डेरे से संपर्क किया था।
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दिल्ली बैठे सिख नेताओं ने लिखित ​शिकायत की थी

मंजीत सिंह जीके
बता दें कि शिरोमणि अकाली दल बादल की दिल्ली इकाई एवं दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अकाल तख्त जत्थेदार को पत्र लिखकर उन सिख उम्मीदवारों के खिलाफ पंथक परंपराओं के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की थी, जो डेरे में समर्थन मांगने गए थे।

कमेटी अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके के नेतृत्व में कमेटी के पदाधिकारियों की आपात बैठक हुई थी। बैठक में तय किया गया कि इस संबंध में अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह को पत्र लिखकर शिकायत की जाए। शिकायत की गई, जिसे जत्थेदार ने गंभीरता से लिया और जांच के आदेश जारी कर दिए।

शिकायत में जीके एवं सिरसा ने दलील दी कि अकाल तख्त से वर्ष 2007 में हुकमनामा जारी हुआ था, जिसमें कहा गया था कि डेरा प्रमुख के साथ कोई भी सिख रोटी एवं बेटी का रिश्ता नहीं रखेगा, जबकि इसका उल्लंघन किया गया है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

 
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