बिना अनुमति कोई नहीं कर पाएगा प्रसारण
धामी ने कहा कि गुरबाणी प्रसारण के सभी अधिकार एसजीपीसी के पास सुरक्षित रहेंगे और कोई भी चैनल, यूट्यूब चैनल, वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपनी मर्जी से गुरबाणी का प्रसारण नहीं कर सकेगा। एसजीपीसी ने अपना सेटेलाइट चैनल स्थापित करने को सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी है। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को पत्र लिखा गया है। चैनल को संचालित करने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण का पालन किया जाएगा। यदि इस कार्य के लिए अलग से कंपनी स्थापित करना जरूरी हुआ तो उसके लिए भी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह को दी जानकारी
बैठक के बाद कमेटी के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह से मिला और एसजीपीसी के यूट्यूब चैनल के संबंध में एक पत्र सौंपा। धामी ने कहा कि एसजीपीसी श्री अकाल तख्त साहिब के हर आदेश का सम्मान करती है। इस मौके पर सब कमेटी के सदस्य भाई गुरचरण सिंह ग्रेवाल, भाई राजिंदर सिंह मेहता, कुलवंत सिंह, सरवन सिंह कुलार और एसजीपीसी के सदस्य भाई मनजीत सिंह सुरजीत सिंह भिट्टेवड, भाई राम सिंह, मंगविंदर सिंह खापरखेड़ी, हरपाल सिंह जल्ला, बीबी जसबीर कौर जफरवाल आदि मौजूद रहे।