चंडीगढ़। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक नवंबर को चंडीगढ़ पुलिस के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने के लिए शहर आ सकते हैं। उनके संभावित दौरे से शहर के लंबे समय से लंबित प्रशासनिक और संपत्ति संबंधी प्रस्तावों पर फैसले की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, दौरे और संभावित घोषणाओं की अभी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने हाल ही में दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात कर उन्हें समारोह का निमंत्रण दिया था। इस दौरान शहर से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। गृह मंत्रालय के पास लंबित इन प्रस्तावों को मंजूरी दिलाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। कुछ प्रस्तावों पर केंद्र की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की बात सामने आई है, लेकिन अंतिम निर्णय और लागू करने के लिए जरूरी औपचारिक मंजूरियां अभी बाकी हैं।
चार बड़े प्रस्तावों पर टिकी निगाहें
शहर के चार प्रमुख प्रस्तावों पर लोगों की नजर है। इनमें पुनर्वास कॉलोनियों के निवासियों को स्थायी मालिकाना हक देना, मेयर का कार्यकाल एक वर्ष से बढ़ाकर ढाई वर्ष करना, लीज होल्ड औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों को फ्री होल्ड में बदलना और चंडीगढ़ मास्टर प्लान में संशोधन करना शामिल है। इन फैसलों का असर हजारों निवासियों, व्यापारियों और संपत्ति मालिकों पर पड़ सकता है। प्रशासनिक स्तर पर मेयर का कार्यकाल बढ़ाने सहित कुछ प्रस्तावों को सकारात्मक संकेत मिलने की चर्चा है। हालांकि, मंजूरी मिलने तक किसी घोषणा को तय नहीं माना जा सकता।
मास्टर प्लान में संशोधन का प्रस्ताव
शहर के भविष्य के विकास से जुड़ा मास्टर प्लान संशोधन भी अहम है। चंडीगढ़ हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी प्रशासन के संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है। इसमें भूमि उपयोग और विकास संबंधी नियमों में बदलाव शामिल हैं। प्रशासन शहर की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप विकास की संभावनाएं तलाश रहा है। अब प्रस्तावों पर केंद्र के फैसले का इंतजार है।