शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर का पूरा स्टाफ जम्मू-कश्मीर बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए दो दिन का वेतन देगा।
यह फैसला कर्मियों ने स्वयं अपनी इच्छानुसार किया है, जिस पर एसजीपीसी ने स्वीकृति की मुहर लगा दी। हालांकि एसजीपीसी पहले ही राहत सामग्री देने के लिए दो बार अपनी टीम प्रभावित क्षेत्र में भेज चुकी है और अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में काम कर रहे कर्मी भी मासिक वेतन से दो दिन का भुगतान पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए देने जा रहे हैं।
यानि इस माह एसजीपीसी कर्मियों का वेतन बनाते समय दो दिन का भुगतान काट लिया जाएगा। जो राहत कार्य व सामग्री में प्रयोग होगा।
एसजीपीसी अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह निर्णय लेकर कर्मियों ने उदारता का परिचय दिया है।
वहीं एसजीपीसी मेंबर जत्थेदार हरभजन सिंह मसाना ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी भले ही धार्मिक संस्था हो लेकिन जरूरतमंद की सहायता करना कभी नहीं भूलती।
उन्होंने कहा कि जहां संस्था कैंसर पीड़ितों को आर्थिक सहयोग दे रही है, वहीं कुदरती कहर का सामना करने वाले लोगों की मद्द के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया वे भी जम्मू-कश्मीर वासियों की मदद को आगे आएं।
कुरुक्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों को दी थी राहत सामग्री
साल 2010 में जब कुरुक्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हुआ था तो उस दौरान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी राहत सामग्री देने वाली संस्थाओं में अग्रणी रही थी।
धर्मनगरी के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी से राहत सामग्री ट्रालियों में भरकर बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचाया गया था। इस दौरान दूध के पैकेट, भोजन व पानी की बोतलें पीड़ित परिवारों तक पहुंचाई गई थी।
एक साल से अधिक दी कराह साहिब राहत सामग्री
एसजीपीसी के अधीन गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी से कराह साहिब (पिहोवा सब डीविजन) में पीड़ित परिवारों तक एक साल से अधिक समय तक राहत सामग्री पहुंचाई जाती रही।
इसके अलावा पीड़ित परिवारों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए भी जनरेटर का प्रबंध एसजीपीसी की ओर से किया गया था, जिसका सारा खर्च शिरोमणि कमेटी ने स्वयं वहन किया।
जून में 21 लाख रुपये के चेक बांटे थे
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर द्वारा कराह साहिब में पीड़ित किसान सिख परिवारों को 21 लाख रुपये के चेक भी वितरित किए थे।
इस मौके पर अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने स्वयं वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क के साथ मिलकर पीड़ितों को चेक प्रदान किए थे।
श्रीजयराम संस्था ने एक लाख नकद रुपये व कंबल दिए
मुसीबत की इस घड़ी में धार्मिक संस्थाएं आगे आ रही है। कुरुक्षेत्र और देश के अन्य राज्यों में शिक्षण, समाजिक और चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य कर रही धार्मिक संस्था श्रीजयराम संगठन के संचालक एवं अध्यक्ष उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने जम्मू-कश्मीर आपदा के लिए एक लाख रुपये और एक हजार कंबल भेजने की व्यवस्था की है।