भ्रष्टाचार के मामले में वरिष्ठ आईएएस अफसर संजय पोपली को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को उनकी नियमित जमानत की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने आईएएस संजय पोपली को गत वर्ष भ्रष्टाचार के मामले में नामजद कर उन्हें 21 जून को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था।
इस मामले में उनके खिलाफ मोहाली विजिलेंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। संजय पोपली पर आरोप है कि वाटर एंड सीवरेज बोर्ड के सीईओ रहते उन्होंने व सहायक सचिव संदीप वत्स ने नवांशहर के एक ठेकेदार से 7.30 करोड़ के बिल की अदायगी की एवज में 7 प्रतिशत हिस्से की मांग की थी।
ठेकेदार ने इससे जुड़ी कॉल को रिकॉर्ड कर मुख्यमंत्री की एंटी करप्शन हेल्पलाइन में भेज दिया था। इसी मामले में विजिलेंस ने संजय पोपली को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। वहीं उनके साथी संजीव वत्स को जालंधर से गिरफ्तार किया था। संजीव वत्स व एक अन्य अधिकारी को हाईकोर्ट पहले ही जमानत दे चुका है।
संजय पोपली ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर कर कहा था कि इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चालान भी पेश किया जा चूका है, ऐसे में अब उन्हें इस मामले में नियमित जमानत दी जाए। 20 जनवरी को हाईकोर्ट ने मामले के सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब सोमवार को अपना फैसला सुनाते हुए नियमित जमानत की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।