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आयोग को शक: कमांडो भर्ती में हो सकते हैं फर्जी अभ्यर्थी, अब नियुक्ति से पहले कई प्रकार की जांच से गुजरना होगा

Tue, 01 Feb 2022 09:21 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

वर्ष 2019 की वेलफेयर ऑर्गेनाइजर भर्ती का मंगलवार को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने परिणाम जारी कर दिया। कुल 77 पदों के लिए परिणाम जारी किए गए हैं, साथ ही वेटिंग लिस्ट भी दी गई है। 90 अंकों की लिखित परीक्षा हुई थी, जबकि 10 अंक आर्थिक सामाजिक आधार के लिए रखे गए थे।
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को शक है कि एक माह पहले 520 कमांडो के लिए जारी की गई फाइनल लिस्ट में भी कुछ फर्जी अभ्यर्थी चयनित हो सकते हैं। इसके लिए आयोग ने फैसला लिया है कि तीन फरवरी को करनाल स्थित नेवल कमांडो सेंटर में इनकी नियुक्ति से पहले सभी को कई प्रकार की जांच से गुजरना होगा। सबसे पहले बायोमीट्रिक जांच कराई जाएगी और इसके साथ-साथ परीक्षा और फिजिकल के समय की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज से अभ्यर्थी का मिलान किया जाएगा।

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गौर हो कि 9 जून 2021 को आयोग ने 520 कमांडो के लिए भर्ती निकाली थी। इसके लिए 70157 युवाओं ने आवेदन किया था। 16 अगस्त से 30 सितंबर तक पंचकूला के परेड ग्राउंड में फिजिकल लिया गया। 7 अक्तूबर को इसका परिणाम जारी किया, जिसमें 8012 मेरिट में आए। इसके बाद 14 नवंबर को पंचकूला में लिखित परीक्षा हुई और 1717 युवा पास हुए। 

एक माह पहले आयोग ने कमांडो की फाइनल लिस्ट जारी की थी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पास इस तरह की शिकायतें पहुंची हैं कि अन्य भर्तियों की तरह कमांडो भर्ती में भी कुछ ऐसे युवा चुने गए हैं, जिन्होंने या तो दूसरे से परीक्षा दिलाई थी या फिर फिजिकल किसी और से कराया है। आयोग अब ऐसे युवाओं को पकड़ने की तैयारी कर रहा है। अगर कोई ऐसा युवा पकड़ा जाता है तो उसका चयन तो रद्द होगा ही, उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस भी दर्ज कराया जाएगा।

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कई प्रकार की जांच से गुजरना होगा 
फर्जी अभ्यर्थियों या फिर किसी और से फिजिकल और लिखित परीक्षा दिलाने वालों को काबू करने के लिए आयोग ने पूरी तैयारी कर रखी है। पीएसटी, पीएमटी और परीक्षा के समय की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज, परीक्षा के समय की बायोमीट्रिक और फोटोग्राफी की जांच की जाएगी। एक-एक उम्मीदवार को इन सभी प्रकार की जांच से गुजरना होगा, अगर किसी का निशान या फिर चेहरे का मिलान नहीं हुआ तो उसे काबू किया जाएगा। 

एएलएस भर्ती में भी सामने आ रहे फर्जी 
इसी प्रकार, एएलएम भर्ती को लेकर आयोग की ओर से अभ्यर्थियों के दस्तावेज जांच की जा रही है। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि इस भर्ती में भी फर्जी दावेदार सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों की सूचना पुलिस को दी जा रही है। बताया जाता है कि एएलएम भर्ती में भी कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। 
किसी भी फर्जी अभ्यर्थी को बख्शा नहीं जाएगा। नियुक्ति से पहले सभी चयनित अभ्यर्थियों के बायोमीट्रिक निशान लिए जाएंगे। इतना ही नहीं नियुक्ति के बाद भी अचानक से कर्मचारियों से निशान लिए जाएंगे।  - भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी। 
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