-जज के पीएसओ से पिस्तौल छीनने के मामले में जांच की स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट ने की तलब
-जज की सुरक्षा बढ़ाने का हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को जारी किया आदेश
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अमृतसर के श्री हरिमंदिर साहिब में रविवार को हुए हादसे के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने जज की सुरक्षा में बढ़ोतरी करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि चंडीगढ़ में आईटीबीपी की बटालियन मौजूद है, क्यों नहीं उन्हें पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) के तौर पर जजों के साथ नियुक्त किया जाता। हाईकोर्ट ने जज की सुरक्षा में मौजूद एएसआई अश्वनी कुमार की पिस्तौल छीन कर आत्महत्या के मामले में पंजाब सरकार से मामले की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
बुधवार को हाईकोर्ट के आदेश पर पंजाब के डीजीपी सुनवाई के दौरान वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पेश हुए। सुनवाई के दौरान जस्टिस शील नागू और जस्टिस अनिल खेत्रपाल की खंडपीठ ने कहा की सुबह सैर के समय जाते समय पुलिस की पेट्रोलिंग नजर नहीं आती। इस पर चंडीगढ़ की तरफ से कहा गया कि वो तुरंत सुरक्षा की समीक्षा करेंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि यह बेहद संजीदा मामला है, इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस दौरान कोर्ट ने ये भी पूछा की चंडीगढ़ में आईटीबीपी की बटालियन भी तो है, उनके सुरक्षाकर्मी भी जजों की सुरक्षा में लगाए जा सकते है। अब अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी।