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सेक्टर-17 की पार्किंग के सर्वे में चौंकाने वाली रिपोर्ट

Sat, 23 Jan 2016 01:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मनोनीत पार्षद सुरेंद्र बग्गा और उनकी टीम ने सेक्टर-17 की पार्किंग का सर्वे कर चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार मल्टीलेवल पार्किंग वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए उपयोगी नहीं है।
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इस रिपोर्ट में उन्होंने एक तल की पार्किंग स्थल बनाने की सिफारिश की है। इसके साथ ही उन्होंने सेक्टर-17 की पार्किंग की समस्याओं को दूर करने के उपाय भी बताए हैं।

यह सर्वे रिपोर्ट इसी माह 29 को सदन की बैठक में चर्चा के लिए आ रही है। वहीं दूसरी ओर नगर निगम जल्द ही शहर की पहली मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन करने जा रहा है।
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मालूम हो कि नगर निगम का इंजीनियरिंग और पार्किंग विंग अब तक इस तरह का कोई सर्वे नहीं कर पाया है, लेकिन बग्गा ने टीम के साथ इसका सर्वे किया, जिसमें उन्होंने सेक्टर-17 की पार्किंग की समस्या दूर करने के उपाय भी बताए हैं।

15 हजार की जगह 5500 कारें पार्क होती हैं पीक आवर्स
बग्गा पेशे से वास्तुकार हैं। यह सर्वे रिपोर्ट शुक्रवार को बग्गा ने नगर निगम के मेयर अरुण सूद को सौंपी है जिसे सूद इस माह होने वाली सदन की बैठक में चर्चा में प्रस्ताव के तौर पर लाने की मंजूरी दी है।

सर्वे के अनुसार इस समय पीक आवर्स में (दोपहर 12 से 1 बजे) कुल 5500 कारें पार्क हो रही हैं जबकि 4600 दोपहिया वाहन पार्क होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2015 में यह सर्वे किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ बायलाज के अनुसार एक कार को पार्किंग के लिए कुल 25 स्क्वेयर मीटर जगह चाहिए। जबकि एनबीसी (नेशनल बिल्डिंग कोड) के अनुसार एक कार को 50 स्क्वेयर मीटर चाहिए। सेक्टर-17 का कुल एरिया 3 लाख 85 हजार स्क्वेयर मीटर कवर एरिया है। ऐसे में शहर के बायलाज के अनुसार इस समय 15 हजार 400 कार पार्क होनी चाहिए।

मल्टीलेवल के बाद 6400 कारों को मिलेगी जगह
सर्वे के अनुसार इस समय सेक्टर-17 में 156500 स्क्वेयर मीटर पार्किंग की जगह है, इसमें 124250 स्क्वेयर मीटर में 5400 कारें पार्क हो रही हैं जबकि 32300 स्क्वेयर मीटर की बेसमेंट पार्किंग है जिनमें एक हजार कारें पार्क हो सकती हैं, इसमें निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग भी शामिल है।

ऐसे में सेक्टर-17 में 6400 कारें पार्क हो सकती हैं। सर्वे के अनुसार 128450 स्क्वेयर मीटर जगह का प्रयोग 5500 कारों की पार्किंग के लिए हो रहा है, लेकिन 5400 स्क्वेयर मीटर का प्रयोग नहीं हो पा रहा है, जहां पर 170 कारें पार्क हो सकती हैं।

पीक आवर्स में अगर 4600 दोपहिया वाहन पार्क न हों तो इसकी जगह 1150 कारें पार्क हो सकती हैं। इतनी ही कारें इस समय इधर उधर नो पार्किंग में पार्क होती हैं। बग्गा का कहना है कि सड़क किनारे, पार्कों में वाहन पार्क होने से हेरिटेज के साथ-साथ पर्यावरण को भी खतरा है।

बग्गा की यह हैं सिफारिशें
. एक तल की पार्किंग स्थलों का निर्माण नीलम और केसी थिएटर के दोनों तरफ किया जाए जिससे 1500 कारें पार्क हो जाएंगी।
. एक मंजिल से अधिक मल्टीलेवल पार्किंग को पूरी तरह स्वचालित किया जाए
. सेक्टर-17 की पार्किंग में जो टैक्सी स्टैंड है उन्हें यहां से शिफ्ट किया जाए
. सेक्टर-17 में जो अंडरग्राउंड पार्किंग स्थल है, उन्हें लोगों की सुविधा के अनुसार चलाया जाए और उसका फिर से डिजाइन किया जाए।
. सेक्टर-17 में सात मंजिला इमारत है, वहां पार्किंग की अतिरिक्त जगह नहीं है। उनके अतिरिक्त वाहनों को सेक्टर-17 के पेरीफेरी में पार्क करने के निर्देश दिए जाएं या फिर उन्हें सात मंजिला इमारत के पीछे पार्क करने को कहा जाए।


कोट..
मनोनीत पार्षद सुरेंद्र बग्गा की ओर से सेक्टर-17 में पार्किंग की दिक्कत को दूर करने के लिए जो सुझाव दिए गए हैं, वह काफी अच्छे हैं। इस सर्वे रिपोर्ट पर सदन की बैठक में चर्चा किया जाएगा।
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-अरुण सूद, मेयर
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