सेक्टर-15 में हर शनिवार और सेक्टर-16 में मंगलवार को लगने वाली मंडी अब सेक्टर-20 की सब्जी मंडी में ही लगेगी। एक तरफ जहां रेजिडेंट्स इसका विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन भी मंडियों की शिफ्टिंग पर अड़ा है।
प्रशासन के इस फैसले का सेक्टर-20 में पहले से दुकानें लगाने वाले थोक विक्रेता भी विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद दोनों सेक्टरों के कुछ लोगों की शिकायत पर लिए गए निर्णय के कारण हजारों लोगों की अनदेखी की जा रही है।
इन दोनों सेक्टरों में किसान मंडी की बजाय अपनी मंडी लगाई जा रही थी। अब लोग यह सवाल भी उठाने लगे हैं कि आखिर अंबाला संसदीय क्षेत्र में लोकसभा चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद ही इन मंडियों को शिफ्ट करने का फैसला क्यों लिया गया?
मंडी शिफ्ट होने से सेक्टर-15, 16 सहित आसपास के कई सेक्टरों और कालोनियों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं, लेकिन कुछ अफसरों का तर्क है कि किसान मंडी को प्रोत्साहित करने के लिए इन मंडियों को एक जगह शिफ्ट किया जा रहा है।
हालांकि इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी, लेकिन फिलहाल प्रशासन इस फैसले को वापस लेने के मूड में नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, ये मंडियां अनाधिकृत है और लोगों की शिकायतें मिलने के बाद ही इसे शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया।
पुनर्विचार के लिए डीसी से करेंगे बात
मंडी की शिफ्टिंग से दोनों सेक्टरों के आसपास के लोगों की परेशानियां बढ़ने के साथ-साथ सेक्टर-20 में ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ जाएगी। मंडी में जगह की कमी हो सकती है और इससे सफाई व्यवस्था भी चरमरा सकती है। इस संबंध में उपायुक्त से बातचीत की जाएगी, ताकि सभी के हितों को ध्यान में रखकर पुनर्विचार किया जा सके।
- उपिन्दर कौर अहलूवालिया, मेयर
शिफ्टिंग से बढ़ेंगी दिक्कतेंर
ये मंडियां शिफ्ट होने से लोगों को दिक्कतें ही दिक्कतें आएंगी। आम लोग मंडी को सेक्टर-15 में ही लगाने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन को इन मांगों को देखते हुए पुनर्विचार करना चाहिए।
सुनील तलवार, डिप्टी मेयर
सेक्टर-20 में ही लगेगी मंडी
अब केवल सेक्टर-20 में ही मंडी लगाई जाएंगी। एक जगह मंडी लगने से सभी सेक्टरों के लोगों को फायदा होगा।
- गुरमीत सिंह, एसडीएम, पंचकूला