पूरा मामला मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा तक पहुंच गया है, जिस पर उन्होंने सचिवालय स्थापना शाखा को सूचना लीक करने वाले कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। पहले तो उस कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया जो छुट्टी पर था। जैसे ही सरकार को गलती को अहसास हुआ, उसे बहाल करके असली दोषी पर कार्रवाई की गई।
उसके बाद दस्तावेज व्हाट्सऐप पर भेजने वाले को सस्पेंड किया गया। मामला नीतिगत निर्णय से जुड़ा था, जिसकी जानकारी बिना सरकार के सार्वजनिक नहीं हो सकती थी। इसे या तो मुख्यमंत्री या फिर मुख्य सचिव ही सार्वजनिक कर सकते थे। इस प्रकरण के बाद सरकार ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखें।
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सरकार ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे निर्देश
सचिवालय स्थापना शाखा ने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, अतिरिक्त सचिव, ओएसडी, सलाहकार, विशेष वरिष्ठ सचिव, वरिष्ठ सचिव, निजी सचिव व सचिव के अलावा, सभी मंत्रियों के विशेष वरिष्ठ सचिव, वरिष्ठ सचिव,निजी सचिव व सचिव, सचिवालय के संयुक्त सचिव, अवर सचिव, अधीक्षक, उपाधीक्षक व शाखा प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई गोपनीय सूचना लीक न हो।