उसने बताया कि एक साल तक उसकी बेटी उसके पास ही रही। इस दौरान उन्होंने सिरसा में महिला सेल में शिकायत दी। फिर दोनों पक्षों में कई बार पंचायतें हुईं और 31 मई 2016 को पंचायत में नवदीप ने कहा कि वह अब कभी यादपाल कौर को तंग नहीं करेगा। उसके बाद उसकी बेटी अपने ससुराल चली गई।
प्रमोशन के लिए मांगे दो लाख
हरभेज ने शिकायत में कहा कि उसके दामाद ने यह कहते हुए दो लाख रुपये मांगे कि उसकी प्रमोशन होने वाली है। उसे दो लाख रुपये दे दिए लेकिन फरवरी 2017 में उसने छोटे भाई को बीमार बताकर तीन लाख रुपये मांगे। बेटी के सुख के लिए उसे तीन लाख रुपये भी दे दिए लेकिन उसने बेटी को परेशान करना नहीं छोड़ा।
23 अप्रैल 2017 को पता चला कि नवदीप ने उसकी बेटी की हत्या कर दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एसडीओ नवदीप के खिलाफ धारा 498ए और 304बी के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में अदालत ने दोषी एसडीओ को धारा 304बी में 7 साल और धारा 498ए में एक साल और 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।