चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने शहर में करीब 17 हजार स्मॉल फ्लैट्स आवंटित किए हैं। इनमें से कई मकान बिक चुके हैं जबकि इनकी खरीद-फरोख्त नहीं हो सकती। इन फ्लैट्स को बेचने और खरीदने वालों पर शिकंजा कसने के लिए सीएचबी ने सर्वे शुरू कर दिया है।
सीएचबी ने स्पष्ट किया है कि सर्वे के समय जो भी व्यक्ति मकान में रह रहा होगा उसे मकान का आवंटन पत्र और अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। अगर घर में आवंटी मौजूद नहीं होगा तो परिवार का कोई अन्य सदस्य भी दस्तावेजों को दिखा सकता है। हालांकि उसे आवंटी के साथ अपने रिश्ते का सबूत पेश करना होगा। आवंटित फ्लैट में दोस्त, रिश्तेदार व अन्य रह सकते हैं लेकिन सिर्फ कुछ समय के लिए। स्थायी निवासी नहीं हो सकते। हालांकि उस स्थिति में भी आवंटी का साथ में रहना अनिवार्य होगा। अगर वह नहीं होगा तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
किसी भी मामले में नियमों के उल्लंघन की स्थिति में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड मकान के आवंटन को रद्द कर पजेशन को वापस ले सकता है। बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि इस पूरे सर्वे में जो भी मकान खाली होंगे उन्हें अन्य योग्य लोगों को आवंटित किया जाएगा। बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि लोग सीएचबी के इस सर्वे में सहयोग करें। सीएचबी की तरफ से जो भी कर्मचारी आएगा, उसे पास आईडी कार्ड जरूर मौजूद होगा।
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