पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन ने पंजाबी यूनिवर्सिटी कैंपस में सोमवार को गुजरात दंगों पर आधारित बीबीसी डाक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का एलान किया है। यूनियन के महासचिव अमनदीप सिंह खिओवाली ने कहा कि यूनिवर्सिटी शिक्षा के वह केंद्र हैं, जहां अलग-अलग विचारों में चर्चा होती है। पुरातन विचारों को जांचा-परखा जाता है और नए प्रगतिशील विचारों का सृजन किया जाता है।
देश में इन दिनों चर्चा का विषय बनी बीबीसी की डाक्यूमेंट्री विचार चर्चा की मांग करती है। इसे केंद्र सरकार की ओर से वर्जित करने की जगह लोगों के फैसले पर छोड़ देना चाहिए। इस तरह से फिल्म को जबरन रोकने की पहुंच भाजपा की गुजरात दंगों संबंधी भूमिका पर शक पैदा करती है।
यूनियन के जिला प्रधान लखविंदर सिंह ने कहा कि जेएनयू, जामिया और दिल्ली यूनिवर्सिटी समेत बाकी यूनिवर्सिटियों में स्टूडेंट्स की ओर से फिल्म की स्क्रीनिंग करने पर पुलिस व गुंडा की ओर से धक्के से रोकने की यूनियन निंदा करती है। इसलिए देशभर की यूनिवर्सिटियों में विचार व्यक्त करने व असहमति दर्ज कराने के अधिकार की रक्षा के लिए उठे इस संघर्ष से आवाज बुलंद करते हुए स्क्रीनिंग का प्रोग्राम रखा गया है।
उन्होंने कहा कि फिल्म संबंधी पक्ष और विपक्ष में बनते विचार व निष्पक्ष आलोचना के सिद्धांत पर चलते संवाद करना स्टूडेंट्स का जमहूरी हक है। इस संबंध में सोमवार को भाई काहन सिंह नाभा लाइब्रेरी के सामने फिल्म की स्क्रीनिंग और विचार चर्चा की जाएगी।