एक्साइज एवं टैक्सेशन विभाग ने सिरेमिक टाइल्स पर टैक्स चोरी का एक बड़ा घोटाला पकड़ा है। विभाग के कमिश्नर आईएएस अनुराग वर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले व्हीकल (आरजे 07 जीए 1846) को बरनाला-रायकोट रोड पर चेक किया गया, जिसमें तीन लाख एक हजार 528 रुपये की सिरेमिक टाइल्स लदी थीं।
यह टाइल्स मैसर्ज मेट्रो सिटी टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड मोरबी (गुजरात) से आ रही थीं और इन्हें मैसर्ज गुप्ता सेनेटरी एंड हार्डवेयर स्टोर चंडीगढ़ को डिलीवर करना था। व्हीकल को एक कार एस्कार्ट कर रही थी।
चेकिंग में पाया गया कि पासर के पास मैसर्ज एच एंड आर जॉनसन इंडिया लिमिटेड मुंबई (महाराष्ट्र) से जारी सात लाख 56 हजार 624 रुपये के डाक्यूमेंट थे, जो मैसर्ज मां महाकाली ट्रेडर्स जालंधर के नाम थे।
पूछताछ करने पर ड्राइवर ने खोले राज
पूछताछ करने पर ड्राइवर और पासर ने बताया कि मैसर्ज एच आर आर जॉनसन ब्रांड की टाइल्स को असल में जालंधर के डीलर के पास डिलीवर किया जाना था। लेकिन टैक्स बचाने के लिए चंडीगढ़ डीलर के नाम पर फर्जी ट्रांसिट डाक्यूमेंट बनाए गए।
उधर जालंधर डीलर ने टाइल्स खरीदे जाने से इनकार कर दिया। इस घटना के दो दिन बाद दो और व्हीकल जिनके रजिस्ट्रेशन नंबर (आरजे07जीए-2782) और (आरजे07जीबी4289) पकड़े गए।
इन केसों में भी टैक्स चोरी करने के लिए पहले केस जैसा ही किया गया था। कमिश्नर वर्मा ने बताया कि व्हीकलों में लदे सामान पर 11 लाख 87 हजार 477 रुपये का जुर्माना लगाया गया, लेकिन कोई भी सामान के मालिक के तौर पर अभी तक आगे नहीं आया है।
पड़ोसी राज्यों के डीलर्स भी शामिल
कमिश्नर वर्मा ने बताया कि इस समस्या की जड़ तक जाने के लिए कंप्यूटर डाटा देखा गया कि मैसर्ज मेट्रो सिटी टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड मोरबी गुजरात से टाइल्स लेकर कितने ट्रक पंजाब से ट्रांसिट हुए हैं, जो पड़ोसी राज्यों के डीलरों के पास गए हैं।
जांच में सामने आया है कि पिछले एक साल में 181 ट्रक उक्त फर्म से टाइल्स लेकर स्टेट को क्रास किए हैं। इस सारे माल की कीमत पांच करोड़ से ज्यादा की रही है। इसमें से 80 लाख का सामान गुप्ता सेनेटरी एंड हार्डवेयर स्टोर चंडीगढ़ के पास पहुंचे बताए गए हैं।
उधर चंडीगढ़ डीलर ने इनकार किया है कि उसने यह सामान नहीं खरीदा। इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिये विभाग गुजरात के एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के पास पहुंच गया है।
जिसमें शुरुआती चरण में यह बात सामने आई है कि गुजरात के डीलरों ने पिछले चार साल में करीब 770 करोड़ रुपये की टाइलें पंजाब के डीलरों को बेची हैं। यही नहीं पंजाब के डीलरों ने इस संबंध में उन्हें सी एवं एफ फार्म भी उपलब्ध करवाए हैं।