पंचकूला में हाउसिंग बोर्ड पर डटे सरपंच।
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ई-टेंडरिंग का विरोध कर रहे सरपंच पंचकूला में पक्का धरना लगाकर बैठ गए हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बातचीत के लिए 9 मार्च का समय मिला है। इस पर सरपंचों ने एलान किया है कि मांगें पूरी होने के बाद ही चंडीगढ़-पंचकूला बॉर्डर से हटेंगे। धरने के दूसरे दिन गुरुवार को कांग्रेस, आम आदमी पार्टी के नेताओं समेत निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू भी समर्थन देने पहुंचे।
भारतीय किसान यूनियन और सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ ने भी सरपंचों को समर्थन दिया है। सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष रणबीर सिंह समैण ने बताया कि दोपहर को अधिकारियों से बात करने के लिए सरपंचों की कमेटी को चंडीगढ़ बुलाया गया। ज्ञापन लेने के बाद अधिकारियों ने कहा कि 9 मार्च को मुख्यमंत्री बातचीत करेंगे।
अब सरपंचों को मुख्यमंत्री के निर्णय का इंतजार है। समैण ने कहा कि मुख्यमंत्री के फैसले के बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी। अगर सरकार मांग मान लेती है तो धरना खत्म कर दिया जाएगा। मांगें नहीं मानी जाती हैं तो फिर आगे का फैसला लिया जाएगा।
दोपहर को दाल पूरी, रात को खाई तंदूर की रोटी
गुरुवार को धरनारत सरपंचों के खाने के लिए एक हलवाई को भोजन बनाने का काम दिया गया है। दोपहर को दाल और पूरी बनाई गई। रात को तंदूर की रोटी और मिक्स वेज बनवाई गई।