संत रणजीत सिंह ढडरियांवाले ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी आदेश पर विचार किया जाएगा। तख्त की ओर से आदेश दिए गए हैं कि लुधियाना में हमले पर संत ढडरियां वाले और संत समाज के प्रधान बाबा हरनाम सिंह खालसा दोनों बयानबाजी न करें और बैठकर इस मसले का हल करें। संत ढडरियांवाले ने कहा कि लुधियाना में उन पर हुए जानलेवा हमले का मुद्दा बेहद संवेदनशील है।
इस हमले में उनके साथी की जान गई है इसलिए पहले सरकार असली आरोपियों और इस हमले के मास्टर माइंड को संगत के सामने लाए। बेशक मास्टर माइंड के बारे में बताने की जरूरत नहीं रही है और वह अब सभी के सामने हैं। फिर भी वह अपने मुंह से किसी का नाम नहीं लेंगे इसलिए शांति बनाए रखने के लिए सरकार मामले में तुरंत कार्रवाई करे।
संत ढडरियांवाले ने कहा कि पूरी टकसाल बुरी नहीं है, कोई एक व्यक्ति बुरा हो सकता है। इसलिए ऐसा कहना कि उन्होंने टकसाल के बारे में गलत कहा है, यह सरासर झूठ है। उन्होंने कहा कि सारी जत्थेबंदियों को धड़ेबंदियों से ऊपर उठकर पंथक होना चाहिए। बेशक उन्होंने वीरवार के बाद संघर्ष की काल दी हुई है, लेकिन यह संघर्ष धरने, रैलियों व नारेबाजी के रूप में नहीं होगा ताकि आम जनता को इस दौरान परेशानी न हो।
उन्होंने साफ किया कि अगर कोई भी व्यक्ति या जत्थेबंदी इस घटना की आड़ में माहौल खराब करने की कोशिश करेगी, तो उसका साथ नहीं दिया जाएगा। बाबा ढडरियांवाले ने साफ किया कि इस मामले पर किसी को भी राजनीतिक फायदा नहीं लेने दिया जाएगा। गुरुद्वारा परमेश्वर द्वार से कोई भी राजनीतिक काल नहीं होगी।
बाबा ढडरियांवाले ने कहा कि वह सरकारी सुरक्षा नहीं लेंगे और अपनी सुरक्षा खुद करने के लिए जल्द ही रिवाल्वर लाइसेंस के लिए अप्लाई करेंगे। बाबा ने कहा कि पंजाब का माहौल इस समय ठीक नहीं है। उन्होंने संगत से अपील की कि माहौल खराब करने वाले संघर्ष करने से गुरेज किया जाए।