काफिले पर हमला मामले में संत ढडरियावाले ने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें पंजाब पुलिस पर विश्वास नहीं रहा। दरअसल साउथ सिटी इलाके में दस दिन पहले हुए हमले में मारे गए बाबा भूपिंदर सिंह ढक्कीसाहिब वाले के भोग समारोह में संत रंजीत सिंह ढडरियावाले ने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
संत ढडरियांवाले ने कहा कि उन्हें पंजाब पुलिस पर विश्वास नहीं रहा। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी ओर से इंसाफ मिले न मिले, संगतों की कचहरी में जरूर इंसाफ मिलेगा। इस मौके पर एसजीपीसी की तरफ से सस्पेंड किए गए पांच प्यारों ने बाबा भूपिंदर सिंह ढक्की साहिब वाले को कौम का शहीद करार दिया। कुछ सिख प्रचारकों ने कहा कि दमदमी टकसाल का सिख कौम में काफी महत्व है, लेकिन टकसाल से कुछ गलत तत्वों को तुरंत हटाया जाना चाहिए।
इस मौके पर संत ढडरियावाले ने कहा कि हमारी तरफ से करवाए जा रहे समागम में जो लोग हाजिरी भरते हैं, उन्हें पता है कि हम सभी को एक करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि उनकी हमलावरों और उनके साजिशकर्ता के साथ कोई निजी रंजिश नहीं है। असल में हालात यह हो चुके हैं कि सच बोलना गुनाह हो गया है। लोगों ने पहरावा तो धर्म का डाला है, लेकिन काम बल्कि माफिया वाले कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह नहीं जानते थे कि सिख प्रचारकों के हत्यारों पर फूलों की वर्षा करने वाले कौन थे। सड़कों पर धरने करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वह धरने लगाकर लोगों को परेशान करने के हक में नहीं है। वह संगत से अपील करते है कि शांतिपूर्ण तरीके से जिलाधीश कार्यालय में जाकर इस सारे मामले की सीबीआई जांच का मैमोरेंडम दें। भोग समारोह को जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल, भाई हरजीत सिंह, दमदमी टकसाल से जत्थेदार राम सिंह, बलवंत सिंह नंदगढ़, सरबजीत धुंदा, भाई मोहकम सिंह, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान परमजीत सिंह सरना सहित अन्य पंथक जत्थेदारों ने संबोधित किया।
बाबा भूपिंदर सिंह ढक्की साहिब वाले के भोग समारोह के लिए काफी बड़ा पंडाल लगाया गया था। हजारों लोग बाबा भूपिंदर सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। समारोह के आस-पास पुलिस का काफी सख्त पहरा था। पंडाल के अंदर जाने से पहले सभी की मेटल डिटेक्टर से जांच हो रही थी। सादी वर्दी में भी पुलिस मुलाजिम संगत के बीच बैठे रहे।