अब पुलिस से संबंधित काम करवाने के लिए लोगों को थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बल्कि, लोगों का काम एक निश्चित समय अवधि में होगा। इतना ही नहीं लोगों को उनका काम किस स्तर पर चल रहा है। इसका लोगों को फोन पर मैसेज आएगा।
वहीं, काम होने के बाद वह लोग अपना फीडबैक भी दे पाएंगे। यह जानकारी बुधवार को फेज-7 में कम्युनिटी पुलिसिंग विंग के नए दफ्तर का शुभारंभ करने के बाद डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने दी। उन्होंने बताया कि उक्त सेवा राज्य में शुरू कर दी गई है।
पत्रकारों से बातचीत में डिप्टी सीएम ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए सेवा केंद्रों, पंजाब निवेश प्रोत्साहन ब्यूरो का गठन किया गया है। इतना ही नहीं उनके प्रोजेक्टों का केंद्र सरकार अध्ययन कर रही है। उन्होंने बताया कि सांझ केंद्र आम लोगों को बड़ी राहत प्रदान कर रहे हैं।
एक साल में 17 लाख से अधिक लोग इनकी सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं। इनमें से तीस फीसदी केस पासपोर्ट वेरीफिकेशन से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस वेरीफिकेशन प्रक्रिया को भी सरल कर दिया गया है। इसके लिए सांझ केंद्रों में मोटरसाइकिल, टैबलेट और मोबाइलों से लैस टीमें तैनात की गई हैं।
इसके अलावा अपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जाती है। जल्द ही इस व्यवस्था को अन्य सेवाओं में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस की वेबसाइट पर एक विंडो दी गई है। इसके अलावा पुलिस अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे लोगों को फोन कर पता करें कि उनको निर्धारित समय में काम करवाने में कोई दिक्कत तो नहीं आई।