शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी ने एक बार फिर सीटों की अदला-बदली की है। गठबंधन के तहत बसपा के खाते में आवंटित लुधियाना और मोहाली सीट से अब अकाली दल अपने प्रत्याशी उतारेगा। लुधियाना उत्तरी से भाजपा छोड़कर शिअद में आए आरडी शर्मा को प्रत्याशी बनाने की चर्चाएं हैं। बसपा को बदले में शिअद ने रायकोट व दीनानगर सीटें आवंटित की हैं।
शिअद के प्रवक्ता डॉ. दलजीत चीमा ने ट्वीट कर यह जानकारी साझा की है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल और बसपा प्रदेश अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने दो सीटें आपस में बदली हैं। अब लुधियाना उत्तरी और मोहाली से शिअद अपने प्रत्याशी उतारेगी। जबकि बसपा रायकोट और दीनानगर से अपने उम्मीदवार चुनाव में उतारेगी। इससे पहले शिअद ने बसपा से दो सीटें वापस थीं। जिसमें अमृतसर उत्तरी और सुजानपुर सीट शामिल थीं।
शिअद ने इन सीटों के बदले बसपा को दलित बाहुल्य क्षेत्र की शाम चौरासी और कपूरथला सीट दी थी। कृषि कानूनों को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने भाजपा के साथ सितंबर 2020 में गठबंधन तोड़ लिया था। जिसके बाद पंजाब में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर जून में शिअद ने 25 साल बाद फिर से बसपा के साथ गठबंधन की घोषणा की थी।
97-25 के फार्मूले पर हुआ समझौता
गठबंधन के तहत शिअद की ओर से बसपा को 20 विधानसभा सीटें दी गई थीं और 97 सीटों पर शिअद ने चुनाव लडऩे का एलान किया है। माना यह जा रहा है कि अकाली दल व बसपा गठबंधन का पंजाब में अगले विधानसभा चुनावों में गहरा असर होगा, खासकर दोआबा इस गठबंधन का मुख्य केंद्र बनने जा रहा है। दोआबा में कई सीटों पर बसपा का पूरा प्रभाव है, क्योंकि बसपा के संस्थापक कांशीराम भी दोआबा से चुनाव जीतकर लोकसभा जा चुके हैं।