चंडीगढ़। सेक्टर-43 बी के हाउस नंबर 1234 से 1256 के सामने बनी ग्रीन बेल्ट में रेगुलर सफाई न होने से लोग परेशान हैं। एक साल पहले यहां के पार्क की देखभाल रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन किया करती थी, लेकिन नगर निगम की तरफ से बजट देरी से आने के कारण आरडब्ल्यूए ने पार्क छोड़ दिए। अब न तो नगर निगम और न ही प्रशासन पार्कों पर कोई ध्यान दे रहा है। दो साल से पार्कों में लाइट लगाने के लिए खंभे गाड़े गए हैं लेकिन आज तक उन पर लाइट नहीं लगी। देखभाल न होने से बारिश में पानी भर जाता है। इस कारण बीमारियां लगने का खतरा बना हुआ है।
आरटीआई के माध्यम से समस्याओं को उठाया
यहां की समस्याओं को निवासियों ने आरटीआई और पोर्टल के माध्यम से ऊंचे स्तर पर उठाया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गंदगी के कारण यहां पर बीमारियां फैलने का हर समय खतरा बना हुआ है। प्रशासन और नगर निगम ने शुरू से ही यहां की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, जिससे आरडब्ल्यूए सदस्यों में नाराजगी है। -अशोक पराशर, प्रेसिडेंट एचआईजी फ्लैट आरडब्ल्यूए
बजट न आने से आरडब्ल्यूए ने छोड़ी देखभाल
पार्कों की देखभाल के लिए नगर निगम की तरफ से कभी भी समय पर बजट नहीं आया। इस कारण आरडब्ल्यूए ने पार्कों को सरेंडर कर दिया। छोटी समस्याओं के लिए निवासी खुद ही पैसे इकट्ठा करके उसका समाधान कर रहे हैं। कुछ पार्कों में अनावश्यक बेंच शरारती तत्वों का अड्डा बन गए हैं। -बलबीर सिंह, सेक्रेटरी इंडिपेंडेंट हाउस आरडब्ल्यूए
दो साल से पार्क में नहीं है लाइट
सेक्टर-43 पायलट स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत आता है लेकिन जमीनी स्तर पर देखें तो यहां पर कुछ भी स्मार्ट नहीं है। दो साल से पार्कों में लाइट लगाने के लिए खंभे गाड़े गए थे लेकिन आज तक उन पर लाइट नहीं लगी। इतना ही नहीं लाइट को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया जाता। -एसएस कौशल, वाइस प्रेसिडेंट आरडब्ल्यूए
शरारती तत्वों को हटाने के लिए खुद लगवाईं लाइटें
मुझे किसी निवासी ने समस्या के बारे में जानकारी नहीं दी है। मेरे हिसाब से कोई पार्क ऐसा नहीं है जिसमें लाइट नहीं है। मैंने खुद सेक्टर-43 में दौरा करके शरारती तत्व को हटाने के लिए पार्कों में लाइटें लगवाई हैं। इसके अलावा अगर निवासियों की तरफ से किसी समस्या के बारे में जानकारी आती है तो जल्द ही उसका समाधान हो जाएगा। -चंद्रावती शुक्ला, पार्षद
पार्क की देखभाल में ये हैं समस्याएं
1. दो साल से पार्क में लाइट नहीं है।
2. पार्कों में गंदगी फैल रही है।
3. बारिश में पानी जमा होने से बीमारी फैलने का खतरा रहता है।
4. नगर निगम की तरफ से बजट समय पर नहीं आता।