हरियाणा के भिवानी के डाडम क्षेत्र में खनन के लिए नियम 2018 से ही ताक पर रखे गए। कदम-कदम पर नियमों को तोड़ा गया। माल निकालने के लिए खोदाई नीचे से ऊपर की तरफ की गई, जबकि यह ऊपर से नीचे होनी थी। खनन पट्टे के संक्षिप्त विवरण दस्तावेजों के साथ भी छेड़छाड़ की गई। ठेकेदार छह साल में होने वाले खनन को तीन साल में ही पूरा करने के हिसाब से काम कर रहा था।
शिकायतकर्ता के अनुसार खानक क्षेत्र की खनन नीति में पानी की गहराई धरातल से 42 मीटर नीचे तक है। पानी की सतह से तीन मीटर ऊपर खनन करने के लिए विभाग की अनुमति जरूरी है, जिसे लिया ही नहीं गया। ठेकेदार धरातल से 80 मीटर नीचे तक खनन कर रहा है, जो नियमों का उल्लंघन है। खादान से माल की गाड़ियां शुरूआत से ओवरलोड कर निकाली जा रही हैं। रिकॉर्ड में भी इसे कम दिखाया जाता है।
दलाल ने बताया कि ठेकेदार ने खादान से पानी निकालने के लिए ट्यूबवेल लगा रखे हैं। बारूद घुले पानी को सीधे खेतों में डाल दिया जाता है, जिससे क्षेत्र में बीमारियां फैल रही हैं। अवैज्ञानिक व अवैध खनन की पुष्टि लीज क्षेत्र में अनियमितताएं बरतने पर वन विभाग द्वारा ठेकेदार पर की गई कार्रवाई से भी होती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें हाईकोर्ट से न्याय की पूरी उम्मीद है। यह बड़ा खनन घोटाला है।