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पंजाब विधानसभा में आखिरी दिन हंगामा, धर्मसोत के इस्तीफे की मांग, विपक्ष की नारेबाजी

Wed, 21 Oct 2020 09:41 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब विधानसभा। - फोटो : @capt_amarinder
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पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के तीसरे दिन अकाली दल, आम आदमी पार्टी और लोक इंसाफ पार्टी ने कथित वजीफा घोटाले को लेकर मंत्री साधु सिंह धर्मसोत के इस्तीफे की मांग करते हुए सदन में जमकर हंगामा किया। वहीं, शोरगुल के बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि वजीफा मामले और नूरपुर जमीन मामले की जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई गई है। वजीफा मामले में तीन अधिकारियों की कमेटी ने जांच के बाद धर्मसोत को क्लीन चिट दी है।

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सदन में बुधवार को अकाली दल ने यह मुद्दा उस समय उठाया, जब सात अहम विधेयकों को पारित करने की कार्यवाही चल रही थी। अकाली दल के सदस्य मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए सदन के मध्य में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। अकाली दल द्वारा उठाए गए इस मुद्दे का साथ आम आदमी पार्टी और लोक इंसाफ पार्टी के सदस्यों ने भी दिया। वे भी अपने बेंचों पर खड़े होकर मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाने लगे। 

इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा द्वारा जोर से चिल्लाते हुए स्पीकर से कुछ कहा गया, जो शोरगुल के बीच साफ सुनाई नहीं दिया। स्पीकर राणा केपी सिंह ने उनके इस आचरण पर कड़ा ऐतराज जताते हुए माफी मांगने को कहा। स्पीकर ने आम आदमी पार्टी के विधायकों को बताया कि जब तक चीमा के जोर से चिल्लाने के लिए माफी नहीं मांगी जाती, तब तक उन्हें बोलने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा मंत्रियों को निशाना बनाने की आलोचना की

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विपक्ष द्वारा उनके मंत्रियों को निशाना बनाए जाने की कड़ी आलोचना करते हुए इसे शर्मनाक बताया। सदन में मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि अनावश्यक आरोप लगाकर घटिया स्तर की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा ऐसी मीडिया रिपोर्टों के आधार पर उनके मंत्रियों को निशाना बनाया जा रहा है जिनका कोई आधार ही नहीं है। 

स्पीकर के विरुद्ध नहीं इस्तेमाल की भद्दी शब्दावली : हरपाल चीमा
देर शाम एक बयान जारी कर नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि उन्होंने स्पीकर के विरुद्ध कोई भद्दी शब्दावली इस्तेमाल नहीं की। पंजाब राज विजिलेंस कमिशन बिल पर पार्टी विधायक अमन अरोड़ा को स्पीकर की ओर से बोलने का समय नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने स्पीकर से शिकायत की थी कि वह (स्पीकर) कांग्रेस के प्रवक्ता के तौर पर पवित्र सदन को कांग्रेस भवन की तरह न इस्तेमाल करें। इन शब्दों को किसी भी लिहाज से भद्दी शब्दावली नहीं कहा जा सकता। चीमा ने यह भी आरोप लगाया कि स्पीकर की ओर से निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाई गई।

धर्मसोत की गिरफ्तारी को लेकर शिअद का प्रदर्शन
कथित वजीफा घोटाले में कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शिअद विधायक सड़कों पर उतर आए। विधायकों ने बुधवार को विरोध में विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान विधायकों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन का नेतृत्व विधायक दल के नेता शरणजीत सिंह ढिल्लों और विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया ने किया। अन्य विधायक भी इस प्रदर्शन में शामिल रहे।
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