चंडीगढ़ प्रशासन ने निजी लैब में कोरोना जांच शुल्क को लेकर अहम फैसला लिया है। आरटीपीसीआर जांच के शुल्क को प्रशासन ने कम कर दिया है। पहले किसी भी निजी लैब में 450 रुपये में आरटीपीसीआर जांच होती थी, जो अब 299 रुपये में होगी। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। कोई भी लैब इससे अधिक शुल्क वसूलेगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
आदेश में कहा गया है कि शहर में कोरोना की स्थिति और निजी लैब से बातचीत के बाद ही जांच शुल्क कम करने का फैसला लिया गया है। इससे पहले प्रशासन ने 25 मई 2021 को जांच शुल्क घटाया था। प्रशासन के इस कदम से शहर में कोरोना जांच कराने में काफी सहूलियत मिलेगी। हालांकि रैपिड एंटीजन जांच के शुल्क में कोई कटौती नहीं की गई है, निजी लैब पहले की ही तरह 350 रुपये लेंगी।
वहीं, ट्रूनैट टेस्टिंग के लिए 1250 रुपये और एंटीबॉडी टेस्ट के लिए 250 रुपये देने होंगे। पहले इन दोनों जांच के शुल्क तय नहीं किए गए थे। इसकी वजह से लैब संचालक मनमाना दाम वसूल रहे थे। अगर कोई लैब घर से कोरोना के नमूने लेता है को उसके लिए वह 200 रुपये का अतिरिक्त शुल्क ले सकता है। निजी लैबों को हिदायत दी गई है कि कोई भी लैब कोरोना जांच के लिए तय शुल्क से ज्यादा न वसूले। तय शुल्क पर कोई भी अतिरिक्त टैक्स न लगाने की भी हिदायत दी गई है।
बता दें कि मई 2021 से पहले आरटीपीसीआर जांच के 900 रुपये और रैपिड एंटीजन जांच के 500 रुपये तय किए थे। प्रशासन का मानना है कि जांच शुल्क कम करने के बाद सरकारी अस्पतालों में उमड़ने वाली भीड़ घटेगी। बता दें कि शहर के सरकारी अस्पतालों में कोरोना जांच मुफ्त में हो रही है।