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आज से सरकारी अस्पतालों में आरटीपीसीआर रिपोर्ट अनिवार्य, तभी मरीजों को देखेंगे डॉक्टर

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ंडीगढ़। अब सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में दिखाने के लिए लोगों को कोरोना की आरटीपीसीआर रिपोर्ट लेकर जाना होगा। सोमवार से जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16, मनीमाजरा और अन्य सरकारी अस्पताल में यह व्यवस्था शुरू होगी। कोरोना के नए वैरिएंट के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्णय लिया है। डॉक्टरों को दिखाने से पहले कम से कम 72 घंटे पहले की कोरोना रिपोर्ट होना अनिवार्य है। पीजीआई में कोरोना रिपोर्ट की अनिवार्यता पर सोमवार को फैसला लिया जाएगा।
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स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि पहले की तरह अब बिना नेगेटिव कोविड रिपोर्ट के मरीजों को ओपीडी में नहीं देखा जाएगा। ओपीडी में दिखाने के लिए मरीजों को या तो अस्पताल परिसर में बने कोरोना जांच केंद्र या बाहर बनाए गए केंद्रों से कराए गए कोरोना टेस्ट रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा। इससे पहले शनिवार को यूटी प्रशासन ने कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के खतरे को देखते हुए सख्ती कर दी थी। हाई रिस्क वाले आठ देशों से लौटे यात्रियों का एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है।
यूटी प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि कोविड टेस्ट के साथ यात्रियों को सात दिन के लिए क्वारंटीन भी किया जा रहा है। इससे पहले शनिवार को विदेश से आने यात्रियों की पहली रिपोर्ट अगर निगेटिव आती है तो स्वास्थ्य विभाग आठवें दिन बाद दोबारा आरटीपीसीआर टेस्ट करेगा। हाई रिस्क वाले देशों में दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड और जिंबाब्वे हैं, जहां से लौटने वाले यात्रियों पर सख्त नजर रखी जा रही है।
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पिछले साल मांग के बाद शुरू हुई थी ओपीडी
वर्ष 2019-20 में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बाद जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16, मनीमाजरा और अन्य सरकारी अस्पताल में ओपीडी बंद कर दी थी। मरीजों की समस्या को देखते हुए कुछ मानकों के साथ पिछले साल 15 अक्तूबर को जीएमएसएच-16 की ओपीडी को खोला गया था। उसके बाद 2 नवंबर को जीएमसीएच-32 और पीजीआई की ओपीडी को भी खोल दिया गया था। नए वैरिएंट ने मरीजों के लिए एक बार फिर से समस्याएं बढ़ा दी हैं।
गफलत में निकल गया था ऑपरेशन का समय
पिछले साल कुछ मामले ऐसे भी आए थे कि एक व्यक्ति की दो अलग-अलग रिपोर्ट आने से ऑपरेशन का समय ही निकल गया था। डड्डूमाजरा निवासी एक व्यक्ति का पीजीआई में ऑपरेशन था। इससे पहले उसे मरीज की कोरोना रिपोर्ट देनी थी। उसने पहली जगह जांच करवाई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई, उसके बाद उसने दोबारा जांच कराई तो वह निगेटिव आ गई। इस गफलत में उसका ऑपरेशन का समय ही निकल गया।
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