आरटीआई के तहत विदेश मंत्रालय से मांगी गई सूचना में इंगलैंड की महारानी को लेकर हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। इंग्लैंड की महारानी को अगर भारत आना हो तो उनको किसी पासपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह बिना पासपोर्ट यहां आकर घूम सकती हैं। महारानी को भारत के लिए विशेष छूट मिली हुई है। उनका कोई रिकार्ड भी विदेश मंत्रालय में मौजूद नहीं है।
यही नहीं देश की संसद में दो एंग्लो-इंडियन सदस्यों की नियुक्ति की जाती है, जिनको सांसदों की तरह सुविधाएं मिलती हैं। 16वीं लोकसभा में प्रो. रिचर्ड हे और जॉर्ज बेकर सांसद मनोनीत किए गए हैं। रोहतक के प्रेम नगर में रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता दीपक राठी ने कुछ जानकारी विदेश मंत्रालय से मांगी थी। उनके सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय ने बताया है कि कब-कब इंग्लैंड के राजनेताओं ने भारत का दौरा किया।
बताया है कि साल 2013 में इंग्लैंड के पीएम तो 2014 में वाइस पीएम ने भारत का दौरा किया। साल 2012 में 7 सांसद, 2013 में 9 सांसद, 2014 में 15 सांसद, 2015 में 8 सांसद, 2016 में 9 सांसद भारत दौरे पर आये। साल 2012 से पहले का रिकार्ड विभाग ने रद्द कर दिया है। लोकसभा के पत्र क्रमांक 1 (832) आईसी 2016/ 15.5.2016 में बताया गया कि राष्ट्रपति की ओर से संविधान की धारा 331 के तहत दो एंग्लो इंडियन को मनोनीत किया जाता है।