सरकार ने कश्मीर को लेकर स्पष्ट नीति अपनाई, अब पाक अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान से उसकी आजादी की बात होगी। ये कहना है, आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार का। उनका कहना है कि 70 साल में पहली बार देश की किसी सरकार ने कश्मीर को लेकर स्पष्ट नीति अपनाई है। अब कश्मीर की बात नहीं होगी बल्कि पाक अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान से उसकी आजादी की बात होगी।
दोनों कश्मीर को मिलाकर भारत का हिस्सा बनाने की बात होगी। यहां सनातन धर्म मंदिर के बाल सेवा आश्रम में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हुए कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने यह बात कही। बच्चों जन्माष्टमी की बधाई देने के बाद इंद्रेश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान में बलूचिस्तान, बाल्टिस्तान, गिलगित, सिंध, मुजफ्फराबाद जैसे राज्य आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं।
इन राज्यों ने पाक को 1947 से लेकर अब तक स्वीकार नहीं किया है। लोग आंदोलन कर रहे हैं लेकिन पाक सेना टैंकरों से उन्हें कुचल रही है। पाकिस्तान इन छह राज्यों में 2 लाख से अधिक लोगों की हत्या कर चुका है। 15 लाख लोग वहां बेघर हैं। पूरे विश्व के सामने यह बात सामने आ चुकी है। पाकिस्तान को चाहिए कि वह कश्मीर में आग लगाना बंद करे और अपने घर की आग बुझाए। ऐसा न हो कि इस आग में वह मुल्क की जल जाए जो 1947 में बना था। उन्होंने मुस्लिम युवाओं से आह्वान किया कि आईएसआईएस को ज्वाइन न करें बल्कि विकास, शिक्षा, भाईचारे को अपनाएं।
अलगाववादियों से नहीं होगी बात
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार
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प्रधानमंत्री ने पहली बार लाल किले की प्राचीर से बलूचिस्तान की बात उठाकर अपनी नीति स्पष्ट कर दी है। अब पीओके की आजादी की बात होगी और उसे भारत में शामिल किया जाएगा।
कश्मीर में भी सिर्फ अलगाववादियों से ही बात नहीं होगी, क्योंकि केवल वही बातचीत के पक्षकार नहीं हैं। वहां की आम जनता शिया मुस्लिम, डोगरा सिक्ख, गुर्जर, वहां के युवा, पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों, राजौरी इलाके, जम्मू रीजन, कश्मीर से विस्थापितों से भी बात होगी।
गीता का संदेश अपनाएं
इंद्रेश कुमार ने जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत एक इंच घटे नहीं। एक भी भारतीय निर्दोष मरे नहीं। जाति, मजहबी हिंसा से मुक्त हो। इसके लिए गीता का संदेश अपनाना जरूरी है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में मानवता का संदेश दिया है।